
हाईकोर्ट के आदेश और नगर निगम के नोटिस के बाद 13 ने खाली किया अतिक्रमण, 6 ने फिर किया कब्जा
मधुबनी, 27 अक्टूबर। पटना हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में मधुबनी नगर निगम द्वारा वार्ड नं. 23/24 मोनीन टोला (मदरसा चौक) से तिलक चौक (जिला केन्द्रीय पुस्तकालय) तक सरकारी सड़क पर अतिक्रमण को लेकर 19 अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिए जाने के बाद 13 लोगों ने अतिक्रमण खाली कर दिया है, लेकिन 6 लोग ऐसे हैं जो नोटिस के बाद अतिक्रमण हटाने का दिखावा कर फिर से कब्जा कर रहे हैं।
नगर निगम ने बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की प्रतिस्थापित धारा 435 के तहत कार्रवाई करते हुए खेसरा सं. 84 की सरकारी सड़क पर अतिक्रमण को लेकर 19 लोगों को कारण पृच्छा नोटिस जारी किया था। नोटिस के बाद अधिकांश लोगों ने अतिक्रमण हटा लिया, जिससे सड़क पर आवागमन सुगम हो गया है।
लेकिन 6 अतिक्रमणकारी अभी भी प्रशासन के आदेश को ठेंगा दिखा रहे हैं। यह 6 लोग खाली हुई जगह में फिर से बांस-बल्ला गाड़कर कब्जा कर रहे हैं। एक नए ऊपर से सिर्फ चदरा हटाया है, नीचे टट्टी लगाकर चबूतरे पर खुले में मांस बेचना जारी रखा है। एक चाय दुकानदार ने भी चदरा हटाकर फिर से चढ़ा लिया है। झोपड़ी यथावत रखकर दुकान चला रहा है।
याचिकाकर्त्ता आरटीआई एक्टिविस्ट सह सामाजिक कार्यकर्ता वीरेन्द्र कुमार निधि सहित स्थानीय लोगों का कहना है कि यह 6 लोग अतिक्रमण हटाने के नाम पर प्रशासन के साथ खेल कर रहे हैं। लोगों ने नगर आयुक्त से मांग की है कि हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में इन 6 लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए अधिकतम 20 हजार रुपये तक का जुर्माना वसूल कर सरकारी सड़क को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।



