
MADHUBANI:- हिन्दुस्तान की आत्मा है हिन्दी, शासन-प्रशासन के कार्यों में हिन्दी का अधिकाधिक करें प्रयोग : DDC
मधुबनी, 14 सितंबर। हिन्दी विकास परिषद एवं जिला राजभाषा कोषांग के संयुक्त तत्वावधान में डीआरडीए सभागार में हिन्दी दिवस समारोह-2026 भव्य रूप से मनाया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित कर उपविकास आयुक्त तुषार कुमार ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान की आत्मा है हिन्दी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों से आह्वान किया कि शासन-प्रशासन के कार्यों में हिन्दी का अधिकाधिक प्रयोग करें। हिन्दी में काम करने से आम लोगों से सीधा जुड़ाव होता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए हिन्दी विकास परिषद के अध्यक्ष पं. राजेश रंजन पांडेय ने कहा कि हिन्दी हमारी संस्कृति, परम्परा और राष्ट्रीय एकता की सशक्त कड़ी है। उन्होंने बताया कि 1985 से ही हिन्दी विकास परिषद जिला प्रशासन के सहयोग से लगातार हिन्दी दिवस भव्य रूप से जिले में मनाती आ रही है। समारोह में वरिष्ठ शिक्षाविद प्रो. जेपी सिंह ने कहा कि हिन्दी आज विश्व की तीसरी सबसे बड़ी भाषा के रूप में स्थापित हो चुकी है। रोजगार तथा तकनीक की भाषा बनती जा रही है।
दो साहित्यकार सम्मानित:
इस अवसर पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी दो साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। हिन्दी दिवस समारोह के अध्यक्ष पं. राजेश रंजन पांडेय एवं साहित्यकार सुश्री अनुपम झा को प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र देकर “पं. विपिन पांडेय हिन्दी सेवा सम्मान” से सम्मानित किया गया। समारोह में दो दर्जन से अधिक साहित्य सेवियों और कवियों ने हिन्दी पर अपने विचार रखे। काव्य पाठ किया। प्रमुख रूप से प्रो. नरेन्द्र नारायण सिंह निराला, प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल, विजय शंकर पासवान, प्रो. सोनमवाला, अनुपम झा, सुभाष सिनेही, विभा झा, अरविंद प्रसाद, माशुक अंजुम, विनय विश्वबंधु, दयानंद झा, आनंद मोहन झा, राणा ब्रजेश, अजय कुमार सिंह, रतीश चंद्र चौधरी, राजेंद्र पासवान, प्रो. राम दयाल यादव, गोपाल झा, श्वेता कुमारी, विनय विक्रांत, वेदानंद साह, सत्यम पराशर, प्रो. प्रीतम कुमार निषाद सहित कई रचनाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन साहित्य श्री प्रीतम कुमार निषाद ने किया, धन्यवाद ज्ञापन मेराज अहमद ने किया।



