
बिहार में अब कारोबार करना होगा और आसान: Ease of Doing Business पर मुख्य सचिव ने की हाई-लेवल बैठक
पटना- 10 सितंबर। बिहार में व्यापार करने की प्रक्रिया को आसान बनाने और लाइसेंस राज खत्म करने के लिए राज्य सरकार मिशन मोड में है। इसी कड़ी में आज Deregulation 1.0 और 2.0 की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव केके पाठकणऔर बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की।
बैठक की 5 बड़ी बातें जो सीधे आप पर असर डालेंगी—
Building Bye-Laws 2.0 नया भवन उप-विधि 2026 का ड्राफ्ट तैयार। अब छोटे घर-दुकान के लिए खुद से सर्टिफाई (स्व-प्रमाणन) कर सकेंगे। अफसरों के चक्कर खत्म। मिक्स यूज (नीचे दुकान-ऊपर घर) को भी बढ़ावा मिलेगा। 23 जुलाई 2026 को विधानसभा से कानून पास हो चुका है। अब एक ही लाइसेंस से काम चलेगा, दो-दो लाइसेंस नहीं लेना होगा। MSME उद्योग को सिर्फ घोषणा पत्र पर मंजूरी मिलेगी और इंस्पेक्टरों की रोज-रोज की जांच से मुक्ति मिलेगी। 19 जून 2026 से http://bihar.gov.in पोर्टल लाइव है, जहां 2000 से ज्यादा सरकारी नियम-कानून अपलोड हैं। RTPS में देरी होने पर ऑटो-अपील खुद ही हो जाएगी – 23 जून से लागू।
किसानों और स्कूलों को राहत—
जमीन का उपयोग बदलने (CLU) के लिए अब सरकारी दफ्तर का चक्कर नहीं। बिजली कनेक्शन तेज मिलेगा। निजी स्कूल खोलने के लिए जमीन की न्यूनतम सीमा भी खत्म। डॉक्टरों-नर्सिंग होम के लिए एक ही पोर्टल से सारा लाइसेंस मिलेगा। पर्यटकों के लिए मुख्यमंत्री होमस्टे नीति 2026 को और सरल किया गया है, अब गांव में भी टूरिस्ट को घर में ठहरा कर पैसा कमा सकेंगे। बैठक में फायर विभाग को अपने नियम बदलने और पर्यटन विभाग को होमस्टे नियमों को और उदार बनाने का निर्देश दिया गया है।



