
मधुबनी की कला को मिला राष्ट्रीय मंच, भारत निर्वाचन आयोग ने 50 मधुबनी पेंटिंग्स की मांग की
मधुबनी- 09 सितंबर। मिथिला की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान एवं सम्मान मिलने जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मधुबनी चित्रकला संस्थान, मधुबनी से 50 मधुबनी पेंटिंग्स उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। भारत निर्वाचन आयोग के प्रोटोकॉल अधिकारी द्वारा प्रेषित पत्र के माध्यम से आधिकारिक प्रयोजन के लिए इन पेंटिंग्स की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है। आयोग द्वारा विशेष रूप से ऐसी पेंटिंग्स का चयन करने को कहा गया है, जिनमें मधुबनी की पारंपरिक कला, संस्कृति एवं समृद्ध विरासत की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
आयोग ने पेंटिंग्स की प्राप्ति के लिए मधुबनी कला के संवर्धन एवं संरक्षण से जुड़े स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया है। इससे जिले के कलाकारों की रचनात्मक प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलने के साथ-साथ स्थानीय कला एवं कलाकारों को प्रोत्साहन भी प्राप्त होगा।
प्रत्येक पेंटिंग के साथ उसकी विषय-वस्तु एवं कलात्मक विशेषताओं का संक्षिप्त विवरण अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है। पेंटिंग्स की आपूर्ति निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित बिल, इनवॉइस के साथ की जाएगी।
मिथिला की कला, अब राष्ट्रीय पहचान की नई उड़ान—
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मधुबनी की पारंपरिक चित्रकला को आधिकारिक प्रयोजन हेतु चुना जाना मिथिला की सदियों पुरानी कला परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक है। यह पहल स्थानीय कलाकारों की कला को व्यापक पहचान दिलाने तथा मधुबनी चित्रकला की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को देशभर में और सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।



