बिहार

बिहार कैबिनेट के बैठक में 27 प्रस्तावों पर लगी मुहर, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 5 वर्ष बढ़ी, रामफल मंडल की शहादत दिवस सीतामढ़ी में राजकीय समारोह के रूप में मनाने की मंजूरी

पटना- 02 सितंबर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार शाम हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने, गृह विभाग में अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) कोटि के लिए 14 पदों के सृजन, बिहार संग्रहालय और पटना संग्रहालय के रखरखाव के लिए 40 करोड़ रुपये तथा नेहरू पथ के चौड़ीकरण के लिए 39.80 करोड़ रुपये की स्वीकृति समेत कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

मंत्रिमंडल ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का विस्तार वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक करने की मंजूरी दी है। योजना के तहत बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से विद्यार्थियों को चार लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य उच्च शिक्षा हासिल करने के इच्छुक विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक कारणों से उनकी पढ़ाई बाधित न हो।

कैबिनेट ने गृह विभाग में अत्यंत पिछड़ा वर्ग कोटि के लिए 14 नए पदों के सृजन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके अलावा सामान्य प्रशासन विभाग के पटना मुख्यालय में कार्यालय परिचारी के 16 नए पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

बिहार विधानसभा सचिवालय में निदेशक सह प्रभारी सचिव पूनम सिन्हा को सेवानिवृत्ति के बाद एक वर्ष के लिए संविदा के आधार पर निदेशक पद पर नियोजित करने की भी मंजूरी दी गई है। उनका संविदा नियोजन 1 सितंबर से प्रभावी होगा।

मंत्रिमंडल ने भारत छोड़ो आंदोलन के अमर शहीद रामफल मंडल की शहादत दिवस प्रत्येक वर्ष 23 अगस्त को सीतामढ़ी जिले में राजकीय समारोह के रूप में मनाने की मंजूरी दी।

इसी तरह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार पंडित राजकुमार शुक्ला की जयंती भी प्रत्येक वर्ष 23 अगस्त को पश्चिम चंपारण जिले में राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार संग्रहालय और पटना संग्रहालय के रखरखाव के लिए गैर-वेतन मद में 40 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

वहीं, राजधानी पटना में नेहरू पथ के डाक बंगला चौराहा से रुकनपुर तक सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए 39 करोड़ 80 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।

सात निश्चय-3 के तहत बिहार राज्य बकरी पालक सहकारी फेडरेशन लिमिटेड के गठन को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक इस योजना पर 14 करोड़ 79 लाख 50 हजार रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई है।

सरकार की ओर से इसे बकरी पालन से जुड़े लोगों को संगठित करने और इस क्षेत्र को सहकारी ढांचे के माध्यम से बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

राज्य के शहरी क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना की अवधि वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक बढ़ाने की स्वीकृति दी गई है।

इसके अलावा बिहार विरासत विकास समिति, पटना के कार्यपालक निदेशक प्रोफेसर अनिल कुमार के वेतन, भत्ते और सेवा शर्तें निर्धारित करने की स्वीकृति दी गई।

कैबिनेट ने बिहार विरासत विकास समिति में निदेशक वित्त एवं लेखा के पद पर नियुक्ति के लिए पात्रता का दायरा भी बढ़ाया है। अब भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा सेवा अथवा बिहार वित्त सेवा के साथ-साथ बिहार वित्तीय प्रशासन सेवा के सेवानिवृत्त या सेवारत पदाधिकारी का भी इस पद पर मनोनयन किया जा सकेगा।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!