भारत

कांग्रेस अध्यक्ष ने PM केयर्स फंड को लेकर सार्वजनिक जवाबदेही की मांग की

नई दिल्ली- 20 अगस्त। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम केयर्स फंड को लेकर सार्वजनिक जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग की है। उन्होंने पीएम केयर्स फंड की वेबसाइट के हवाले से कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में पीएम केयर्स फंड में 8,452 करोड़ रुपये की राशि थी, जबकि इस दौरान महज 87.85 लाख रुपये खर्च किए गए, जो फंड की समाप्ति शेष राशि का करीब 0.01 प्रतिशत है।

खरगे ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा प्रधानमंत्री के नाम वाले इस फंड को सार्वजनिक निगरानी की सामान्य व्यवस्थाओं से बाहर क्यों रखा गया है। आपातकालीन फंड में हजारों करोड़ रुपये जमा रहने और एक साल में उसकी शेष राशि का महज 0.01 प्रतिशत खर्च होने का औचित्य क्या है। प्रधानमंत्री पीएम केयर्स फंड के अध्यक्ष हैं, जबकि रक्षा, गृह और वित्त मंत्री इसके न्यासी हैं। फंड को कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत योगदान और कर कटौती योग्य दान भी प्राप्त होते हैं। इसके बावजूद इसे सूचना का अधिकार, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की जांच और संसद के स्तर पर जवाबदेही से बाहर क्यों रखा गया।

खरगे ने प्रधानमंत्री से दो सवाल किए। पहला, प्रधानमंत्री के नाम वाले फंड को सार्वजनिक जांच-पड़ताल की सामान्य व्यवस्थाओं से बाहर रखने का कारण क्या है? दूसरा, जब 2024-25 में फंड की समाप्ति शेष राशि का महज 0.01 प्रतिशत खर्च हुआ, तो हजारों करोड़ जमा रखने वाले आपातकालीन फंड का औचित्य क्या है? खरगे ने कहा कि उन्हें पीएम केयर्स फंड और उससे जुड़ी सार्वजनिक जवाबदेही के सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने फंड की राशि, उसके उपयोग और निगरानी की व्यवस्था को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

उल्लेखनीय है कि पीएम केयर्स फंड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी 2024-25 के ऑडिटेड खातों के मुताबिक, वर्ष 2020 में महज 2.25 लाख रुपये से शुरू हुए इस फंड में 31 मार्च 2025 तक 8,452 करोड़ रुपये जमा हो चुके थे। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में फंड को देश के भीतर से 479.04 करोड़ रुपये और विदेशों से करीब 92 लाख रुपये का दान मिला। इसके अलावा 475.14 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में प्राप्त हुए, जिसमें 469.37 करोड़ रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट और 5.76 करोड़ रुपये बैंक खातों से मिले। फंड को पहले विभिन्न परियोजनाओं के लिए दी गई राशि में से 324.65 करोड़ रुपये रिफंड के रूप में भी वापस मिले, हालांकि उपलब्ध ऑडिट विवरण में संबंधित एजेंसियों के नाम और राशि लौटाने का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। इसके अलावा 13.49 लाख रुपये टीडीएस रिफंड के रूप में प्राप्त हुए। फंड की कुल राशि का करीब 93 प्रतिशत यानी 7,846 करोड़ रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में फंड से महज 87.85 लाख रुपये खर्च किए गए।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!