
मुंबई में “पारंपरिक कारीगर प्रदर्शनी” में बिहार के मधुबनी की कामिनी कौशल की पेपरमेशी कला का जादू
मुंबई -19 अगस्त। पारंपरिक कला, शिल्प और वस्त्रों को नया बाजार और पहचान दिलाने के लिए मुंबई के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में “पारंपरिक कारीगर प्रदर्शनी” का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी 20, 21 और 22 अगस्त तक चलेगी। देशभर के चुने हुए कारीगर यहां अपने हुनर का लाइव प्रदर्शन करेंगे। अपनी कलाकृतियों की बिक्री भी करेंगे।

प्रदर्शनी की खास बात यह है कि यहां सिर्फ उच्च गुणवत्ता वाले शिल्प और उसी कारीगर द्वारा बनाई गई वस्तुएं ही बिकेंगी। प्रदर्शनी में बिहार के मधुबनी की राज्य पुरस्कार से सम्मानित पेपरमेशी कलाकार कामिनी कौशल की कलाकृतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। मधुबनी की आदर्शनगर कॉलोनी निवासी कामिनी कौशल सिर्फ खुद कला नहीं कर रही हैं, बल्कि नई पीढ़ी के कलाकारों और महिलाओं को पेपरमेशी की पारंपरिक विधाओं का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर भी बना रही हैं। उनके द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों की मांग मेलों, प्रदर्शनी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लगातार बढ़ रही है। कामिनी का मानना है कि पेपरमेशी सिर्फ कला नहीं, बल्कि मधुबनी की सांस्कृतिक विरासत है। इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।

उनके प्रयासों से कई युवा अब इस पारंपरिक कला को करियर के रूप में अपना रहे हैं। पेपरमेशी कला में लक्ष्मी-गणेश, राधा-कृष्ण, राम-जानकी, शंकर-पार्वती की मूर्तियों के अलावा कलश, दीप, मछली, उल्लू, दीये, हाथी, मोर जैसी कलाकृतियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, जयपुर और बेंगलुरु सहित देशभर के साथ-साथ विदेशों में भी इन कलाकृतियों की डिमांड है।



