
MADHUBANI: ‘कथा 89 की’ खेसरा 89 पर FIR, गुलटेनी पोखर पर अतिक्रमण बरकरार
मधुबनी- 07 जुलाई। नगर निगम क्षेत्र में सरकारी तालाबों की दशा को लेकर रहिका अंचल कार्यालय की लापरवाही का एक से बढ़कर एक नमूना सामने आते रहे हैं। पिछले दिनों शहर के तिलक चौक स्थित खेसरा 89 को तालाब बताकर आनन-फानन में नगर थाना में 47 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई। जबकि, रहिका अंचल की सैरात सूची में शामिल चकदह गुलटेनी पोखर की जमीन पर अतिक्रमण के सामने रहिका अंचल प्रशासन बौना नजर आ रहा है। अंचल प्रशासन की लापरवाही के चलते गुलटेनी पोखर की जमीन की अतिक्रमण का दायरा बढ़ता जा रहा है। अंचल प्रशासन की उपेक्षा झेल रहे इस तालाब के पश्चिमी, उत्तरी व दक्षिणी भिंडा पर 50 से अधिक लोगों ने अवैध रूप से पक्का घर-मकान बना लिया है। अंचल प्रशासन की नजर यहां नहीं पहुंच रही है।
चार साल पूर्व गुलटेनी पोखर को अतिक्रमण मुक्त कराने का मिला था निर्देश—
साल 2022 में न्यायालय अनुमंडल कार्यालय, सदर, द्वारा रहिका अंचल अधिकारी तथा नगर थानाध्यक्ष को इस गुलटेनी पोखर की अतिक्रमित जमीन को एक सप्ताह में खाली कराने का निर्देश दिया गया था। निर्देश में बताया गया कि अनुदेशक चकबन्दी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, पटना द्वारा मुख्यमंत्री सविवालय से प्राप्त आवेदन में वर्णित तथ्यों का जांचकर अतिक्रमित भूमि को मुक्त करते हुए अनुपालन प्रतिवेदन एक सप्ताह के अंदर समर्पित किया जाए। ताकि प्रतिवेदन अपर समाहर्ता, गधुबनी को भेजना सुनिश्चित किया जाए। इस निर्देश के चार साल गुजर जाने के बाद भी अतिक्रमण खाली नहीं हो सका है।
बतादें कि गुलटेनी पोखर की जमीन से अतिक्रमण खाली कराने के स्थानीय लोगों द्वारा सालों से जिलाधिकारी, रहिका अंचल अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी से लगातार कार्रवाई की मांग करते रहे हैं। इसके बाद भी अंचल प्रशासन तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने में टाल-मटोल रवैया अपना रही है। स्थानीय दिलीप यादव ने बताया कि इस तालाब भिंडा पर पूर्व में स्थानीय लोगों द्वारा छठ पूजा किया जाता रहा है। लेकिन अतिक्रमण के चलते छठ पूजा में भारी समस्या आने लगी। जिससे श्रद्धालु इस तालाब की जगह अन्य तालाबों पर छठ पूजा करते है। राजेश कुमार ने बताया कि तालाब में शौचालय की गंदगी का बहाव और कचरा फेंकने से तालाब का पानी दूषित हो गया है। जिससे लोग इसमें स्नान करने से भी बचने लगे हैं। जल संरक्षण के दिशा में गुलटेनी पोखर की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाना आवश्यक है।



