
MADHUBANI: शहर में फुटपाथों पर अतिक्रमण का फैला जंजाल, सड़क जाम का संकट बरकरार
मधुबनी-19 जून। शहरी क्षेत्र में फुटपाथ का अतिक्रमण आम लोगों के लिए सिरदर्द बनकर रह गया है। शहर के गंगासागर चौक, सरकारी बस स्टैंड के सामने, बाटा चौक, स्टेशन चौक, गिलेशन बाजार, लोहापट्टी, महिला कालेज रोड, शंकर चौक, महंथी लाल चौक सहित अन्य जगहों पर फुटपाथ पर अतिक्रमण ने जाम की समस्या बढ़ा दी है। शहर के विभिन्न हिस्सों के फुटपाथ पर सुबह होते ही अतिक्रमणकारी दुकान सजा देते हैं। दिनभर जाम में लोग पसीना बहाने को विवश होते हैं। जाम की विकट स्थिति में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मगर, नगर निगम की नजर इस ओर नहीं पहुंच रही है। फुटपाथ को मुक्त कराने में नगर निगम प्रशासन लगातार पिछड़ रहा है। शहर के फुटपाथ के अलावा करीब 30 फीट चौड़ी सड़कों के दोनों ओर करीब 10 फीट अतिक्रमित है। जिससे सड़क सिकुड़ता जा रहा है। सिकुड़ते सड़क पर दो-चार पहिया वाहनों का ठहराव होता है। ऐसे सड़क पर पैदल, साइकिल, रिक्शा, बाइक की आवाजाही से जाम की समस्या से निजात मिलता नजर नहीं आ रहा है। शहर के व्यवसायी राजा कुमार ने बताया कि शहर में आम लोगों की आवाजाही के लिए फुटपाथ को अतिक्रमण से मुक्त कराने की जरूरत है। शहर के शंकर कुमार ने बताया कि फुटपाथ से दुकानदारों कब्जा हटाने के लिए नगर निगम प्रशासन की घोषणा डपोरशंखी साबित हुई है।
शहर के फुटपाथी विक्रेताओं के लिए शहरी क्षेत्र में वेडिग जोन बनाने के लिए पूर्व नगर निगम कार्यालय में टाउन वेडिग कमेटी की बैठक की गई थी। जिसमें 11 स्थलों पर वेंडिग जोन चिन्हित करने का निर्णय लिया गया था। प्रस्तावित वेंडिग जोन शहर के कोतवाली चौक से दक्षिण, सदर अस्पताल के निकट, सूडी स्कूल के निकट, नाका चौक के निकट, स्टेशन रोड से मालगोदाम चौक के बीच, शिवगंगा बालिका उच्च विद्यालय स्थित, तिलक चौक स्थित, प्रधान डाकघर के निकट तथा थाना मोड़ के निकट शामिल किया गया था। इसके लिए जमीन की मापी का निर्देश दिया गया था। बता दें कि इससे पूर्व शहर में 16 जगहों पर वेंडर जोन बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया था। मगर, इस दिशा में कोई खास पहल नहीं हो सकी है।
नगर आयुक्त उमेश कुमार भारती ने बताया कि शहर में अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाती रही है।



