
BIHAR:- मधुबनी में राज्य अनुसूचित जाति आयोग और चिकित्सक संघ आमने-सामने, जांच में जुटी पुलिस
मधुबनी- 22 मई। जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में उस समय अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया, जब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्यों एवं स्थानीय चिकित्सकों के बीच विवाद हिंसक रूप ले लिया। राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्यों एवं स्थानीय चिकित्सकों के बीच बात इतनी बढ़ गई कि चिकित्सकों ने आयोग के सदस्य के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और पकड़ कर उन्हें जिलाधिकारी के पास ले जाने का प्रयास किया। हालांकि, जिलाधिकारी के न मिलने पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी चंदन झा ने दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद मामले को शांत कराया। चिकित्सकों का आरोप है कि आयोग के सदस्य द्वारा जिले के हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लाखों रुपये की मांग की जा रही थी। जब चिकित्सकों ने इस अनुचित मांग को पूरा करने से साफ इनकार कर दिया, तो उनके साथ अपशब्दों का प्रयोग किया गया। तथा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गई।
वहीं दूसरी ओर आयोग के सदस्य संजय कुमार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक के दौरान चिकित्सकों को समय पर अस्पताल आने और सुधार करने की हिदायत दी जा रही थी। साथ ही, ममता बहाली में हो रही धांधली को लेकर चेतावनी दी गई थी। आयोग के सदस्य संजय कुमार के अनुसार निर्देश देने के ठीक दस मिनट बाद यूनियन नेता करीब 50 चिकित्सकों के साथ सर्किट हाउस में घुस आए। उन्होंने न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि मुझे जातिसूचक शब्द कहा और पूरी बात को ही पलट दिया।
आयोग के दूसरे सदस्य रूबेल रविदास ने बताया कि चिकित्सकों द्वारा लगाये गये एक लाख बीस हजार रुपया लेने का आरोप पूरी तरह निराधार है। दरअसल बैठक में मधुबनी जिले के 21 प्रखंडों की 120 पंचायतों में खराब स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा उठाया गया था, जिसे चिकित्सकों ने गलत तरीके से रुपयों के लेन-देन से जोड़ दिया। दोनों सदस्यों ने इस घटना को संवैधानिक गरिमा का उल्लंघन बताते हुए दोषी चिकित्सकों पर सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। फिलहाल नगर थाना पुलिस और जिला प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।



