
MADHUBANI: ककरौल उत्तरी पंचायत के कपिलेश्वर स्थान परिसर का कचरा प्रबंधन के लिए निर्मित अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई बेकार
मधुबनी- 13 मई। लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत रहिका प्रखंड के ककरौल उत्तरी पंचायत के कपिलेश्वर स्थान परिसर स्थित निर्मित अपशिष्ट प्रसंस्करण शेड अनुपयोगी साबित हो रही हैं। सात लाख 49 हजार 700 रुपये की लागत से कचरा प्रबंधन के लिए निर्मित अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई पर ताला लटकता नजर आता है। शेड में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग कर कचरे से जैविक खाद तैयार करने की योजना है। खाद की बिक्री करने व स्वच्छता शुल्क से प्राप्त होनेवाले राजस्व से स्वच्छता कर्मियों को भुगतान किया जाना है। लेकिन, घर-घर से कचरा का उठाव नियमित रूप से नहीं होने से यह इकाई बेकार बनी हुई है।अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई के आसपास कचरा का उठाव भी नियमित रूप से नहीं हो रहा है।
वहीं, स्थानीय स्तर पर प्रतिदिन निकलने वाला कचरा यत्र-तत्र नजर आता हैं। जिससे गंदगी की समस्या बनी रहती है। स्थानीय रमेश कुमार, मोहन झा ने बताया कि कचरा प्रबंधन के लिए अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई शेड का निर्माण, ठेला, ई रिक्शा, टोकरी, झाड़ू सहित अन्य सफाई उपकरण की खरीदारी की जांच किया जाना चाहिए। सफाई कार्य पर होने वाले खर्च की जांच कराया जाना चाहिए। कर्मियों की ड्रेस कोड व जूता, घर-घर हरी व नीली बाल्टी और सार्वजनिक स्थलों पर दिए जाने वाला कचरापेटी क्रय मद में खर्च की गई राशि की जांच से स्वच्छता अभियान की सच्चाई सामने आ जाएगा। घर-घर कचरा उठाव कार्य पर सवाल उठते रहे है।लोगों का आरोप है कि घर-घर से नियमित कचरा उठाव कार्य भी नहीं होता है। स्वच्छता अभियान से संबधित हाकिमों की उदासीनता से
अभियान दम तोड़ रहा है।कपिलेश्वर मंदिर परिसर सहित अन्य पंचायतों में खुलेआम फेंके जा रहे कचरा गलियों व खेतों में जाकर जमा हो रहे हैं। जिससे परेशानी हो रही है।



