
दुनिया में नाजुक स्थिति, सरकार की तैयारी कमजोर: गहलोत
जयपुर- 26 मार्च। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों को सलाह देते हुए कहा कि वे अपने बेटों को सरकार से दूर रखें। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद से मंत्रियों के परिजनों का सरकारी कामकाज में दखल बढ़ा है, जो भविष्य में सरकार की बदनामी का कारण बन सकता है। उन्हाेंने नेताओं से कहा कि बेटों को नजदीक रखोगे तो वे बिगड़ जाएंगे, उन्हें दूर रखकर अच्छे संस्कार देना जरूरी है।
गहलोत गुरुवार को जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर गहलोत ने राज्य सरकार, केंद्र सरकार और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर एक साथ तीखे बयान दिए। अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बोलते हुए गहलोत ने विदेश मंत्री के पाकिस्तान को लेकर दिए गए कथित ‘दलाली’ शब्द पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के विदेश मंत्री को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अगर यह जुबान फिसलने से हुआ है तो अलग बात है, अन्यथा उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
गहलोत ने कहा कि वर्तमान वैश्विक हालात बेहद संवेदनशील हैं और दुनिया तीसरे विश्व युद्ध जैसी स्थिति की ओर बढ़ रही है। ऐसे समय में हर देश को शांति स्थापित करने के प्रयास करने चाहिए। गहलोत ने डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ट्रंप कभी नरेंद्र मोदी को अपना दोस्त बताते हैं, तो कभी उनके खिलाफ टिप्पणी करते हैं। किसी भी देश के राष्ट्रपति द्वारा दूसरे देश के प्रधानमंत्री के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना असामान्य है।
उन्होंने पाकिस्तान की मध्यस्थता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इतिहास में वह भारत के सामने कमजोर रहा है, इसके बावजूद वैश्विक मामलों में उसकी भूमिका बढ़ना चिंताजनक है। गहलोत ने कहा कि तेल-गैस संकट को लेकर राहुल गांधी पहले ही चेतावनी दे चुके थे, लेकिन सरकार ने समय रहते तैयारी नहीं की।
राज्य सरकार पर हमला जारी रखते हुए गहलोत ने आरोप लगाया कि सरकार कोचिंग संस्थानों से मिलीभगत कर रही है, जिसके कारण जयपुर में ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ रही है।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में देरी और योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए। कानून-व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश में हालात बिगड़ चुके हैं और हत्या जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। साथ ही आरोप लगाया कि सरकार आंकड़े कम दिखाने के लिए एफआईआर दर्ज करने में भी ढिलाई बरत रही है।
गहलोत ने इंदिरा गांधी के समय का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में भारत की अंतरराष्ट्रीय स्थिति मजबूत थी, जबकि वर्तमान हालात चिंताजनक हैं।



