
BIHAR:- आरा में किराना व्यवसायी हत्याकांड में 5 अपराधी गिरफ्तार
आरा- 29 दिसंबर। भोजपुर जिले के आरा शहरी क्षेत्र के अहिरपुरवा निवासी किराना व्यवसायी महादेव प्रसाद की हत्या में शामिल सभी अपराधियो को गिरफ्तार कर पुलिस ने बुधवार को जेल भेज दिया। इस बात की जानकारी देते हुए भोजपुर के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान बताया कि किराना व्यवसायी महादेव शाह की हत्या लूट के दौरान अपराधियो द्वारा लुटेरों को पहचान लिए जाने के बाद कर दी गई थी। किराना व्यवसायी की हत्या में शामिल अपराधियो में दो मृतक के पड़ोसी हैं जो प्रतिदिन देख रहे थे कि किराना व्यवसायी दिनभर की कमाई के पैसे लेकर शाम को घर जाते हैं। पैसे की लूट को लेकर पड़ोसी संतोष ने अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई।इसमें उसके पांच साथी शामिल हुए।संतोष के साथ हथियार के साथ बाइक पर शिवशंकर सवार हुआ और बाइक वही चला रहा था।संतोष के एक अन्य साथी विकास ने उसे हथियार उपलब्ध कराया और लूट की योजना बनाई।
बीते 23 दिसंबर को जैसे ही दुकान बंद करके अपनी पत्नी के साथ किराना व्यवसायी महादेव शाह घर जाने के लिए आगे बढ़े की उन्हें बाइक सवार अपराधियो ने घेर लिया और लूट पाट शुरू कर दी।लूट की घटना के दौरान किराना व्यवसायी ने संतोष को पहचान लिया और पत्नी से बोला कि ये अपने पड़ोस का संतोष है।किराना व्यवसायी के इतना कहते ही संतोष ने देखा को उसकी पहचान हो गई है तब उसने ताबड़तोड़ तीन गोलियां महादेव शाह के शरीर मे दाग दिया।मौके पर हुई किराना व्यवसायी की हत्या के बाद अहिरपुरवा में सनसनी फैल गई।
एसपी ने बताया कि टेक्निकल अनुसंधान के बाद हत्या करने वाले और लाइनर की भूमिका निभाने वाले सभी पांच अपराधियो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।एसपी ने कहा कि 15 दिनों के भीतर चार्ज शीट सौंप कर कोर्ट में स्पीडी ट्रायल चलवाकर सभी अपराधियो को सजा दिलवाई जाएगी।भोजपुर के एसपी विनय तिवारी ने स्पष्ट किया कि महादेव शाह की हत्या करने की अपराधियो की नीयत नही थी और उनकी हत्या सिर्फ इसलिए हो गई कि मृतक किराना व्यवसायी ने लूट की घटना में शामिल अपने पड़ोसी संतोष को पहचान लिया था।अपनी पहचान हो जाने के बाद ही संतोष ने मृतक किराना व्यवसायी को गोली मार दी जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। एसपी ने बताया कि मृतक के पुत्र द्वारा नगर थाना में दर्ज कराई गई एफआईआर के बाद टेक्निकल तरीके से जांच को आगे बढाया गया और इस जांच में डीआईयू के अवधेश कुमार सहित नगर थाना की पुलिस की भूमिका सराहनीय रही।



