
MADHUBANI:- संघर्ष के समय जटाशंकर दास का मिला बड़ा सहयोग: पद्मश्री शांति देवी
मधुबनी- 05 मार्च। जिले के सरहद गांव में स्वतंत्रता सेनानी जटाशंकर दास की 103वीं स्मृति समारोह लोकहित रंगपीठ सेवा संस्थान द्वाराआयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मिथिला पेंटिंग्स के पद्मश्री शांति देवी ने कहा कि संघर्ष के समय जटाशंकर दास का बड़ा सहयोग मिला। साल 1976-77 में एक पेंटिंग लेकर पटना उद्योग विभाग पहुंचीं थीं। फिर जटाशंकर बाबू से मिली। उन्होंने हौसला बढ़ाया और अपने बेटी की तरह स्नेह दिया। जटाशंकरबाबू के जन्म स्थान का दर्शन कर गदगद हो गई हूं। देश-विदेश में मिथिला पेंटिंग्स का प्रचार-प्रसार का श्रेय जटाशंकर दास को जाता है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व मुखिया डॉ. इंद्रमोहन झा ने कहा कि जटाशंकर बाबू अधिकारी रहते हुए भी सरहद के पुत्र की भूमिका निभाते थे।किसान-मजदूर नेता अधनू यादव ने उनके साथ गुजारे अनुभवों का साझा किया। अतिथियों को मिथिला पेंटिंग्स, पाग दोपटा भेंट की गई। समारोह को प्रफुल्लचंद्र झा, पुण्यानंद झा, सेवानिवृत्त शिक्षक अशोक कुमार पांडये, कन्हैया सिंह अवकाशप्राप्त प्राचार्य व कवि शुभ कुमार वर्णवाल, जटाशंकर दास के पुत्र व वरिष्ठ जदयू नेता अनिल कुमार दास सहित अन्य अतिथियों ने संबोधित किया। लोकहित रंगपीठ प्रशिक्षण केन्द्र प्रभारी प्रशिक्षक रूपा कुमारी, प्रशिक्षु आकृति, खुशबू, ज्योति, अंजली, शिवानी, सीमा, रुपाली, सीमा ने हिस्सा लिया।
केन्द्र के प्रशिक्षक नितिन रावत, रूपा कुमारी सहित अन्य प्रशिक्षु छात्राओ को पद्मश्री शांति देवी के हाथों प्रमाण पत्र, मोमेंटो और मेडल प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन लोकहित रंगपीठ सेवा संस्थान के सचिव प्रो. महेन्द्र लाल कर्ण और धन्यवाद ज्ञापन जटाशंकर दास की पुत्रवधू कविता दास ने किया।



