क्राइम

कारोबारी के बेटे को अगवा कर 50 लाख की फिरौती मांगने की गुत्थी सुलझी

नई दिल्ली, 25 दिसंबर। अशोक विहार के बैंक्वेट हॉल कारोबारी के बेटे को अगवा कर 50 लाख रुपये फिरौती मांगने की गुत्थी को पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने सुलझा लिया है। इस पूरी साजिश को बैंक्वेट हॉल की महिला मैनेजर ने अपनी मां व ब्वॉयफ्रेंड के साथ मिलकर रचा था। पुलिस ने इस संबंध में महिला मैनेजर समेत चार आरोपितों को दबोचा है। आरोपितों की पहचान मैनेजर ऋचा सब्बरवाल (33), उसकी मां अनीता (56), प्रेमी गुरमीत सिंह (36) और सहयोगी कमल बंसल (35) के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपितों के पास से फिरौती के रूप में वसूले गए 50 लाख में से 36 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। पूछताछ के दौरान ऋचा ने खुलासा किया है कि उसके परिवार पर भारी कर्जा था। उस कर्जे से निजात पाने के लिए ही उसने कारोबारी के बेटे को अगवा करने की योजना बनाई। पूर्वी जिला पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त प्रियंका कश्यप ने बताया कि 18 दिसंबर को कारोबारी विकास अग्रवाल ने अपने 18 वर्षीय बेटे किनशुक अग्रवाल के अगवा होने पर 50 लाख रुपये वसूलने की जानकारी दी थी। पीड़ित ने बताया कि उनका बैंक्वेट हॉल का कारोबार है। 17 दिसंबर को उनका बेटा बैक्वेट हॉल की फ्लॉवर मैनेजर ऋचा सब्बरवाल व चालक जितेंद्र के साथ फूल लेने गाजीपुर फूल मंडी गया था। फूल लेने के बाद जैसे ही सभी कार में बैठने लगे, एक नकाबपोश बदमाश ने पिस्टल दिखाकर सभी को बंधक बना लिया। जितेंद्र से कार चलाने के लिए कहा गया, जबकि आरोपित ने किनशुक व ऋचा को बंधक बना लिया। कार के अंदर से ही आरोपित ने किनशुक के पिता को उसके ही मोबाइल से व्हाट्सएप कॉल कर एक करोड़ की फिरौती मांगी। रुपये न देने पर किनशुक को जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपित सभी को दिल्ली की सड़कों पर घुमाता रहा। विकास ने आरोपित से सौदा कर 50 लाख में बात तय कर ली। आरोपित कार लेकर अशोक विहार पहुंच गया। वहां से विकास को भी पिस्टल दिखाकर कार में बिठा लिया गया।

इसके बाद आरोपित ने 50 लाख रुपये लेकर सभी को रेडिसन होटल के पास उतार दिया। पुलिस को सूचना देने पर बेटे को गोली मारने की धमकी दी गई। डर की वजह से विकास ने कॉल नहीं की। अगले दिन 18 दिसंबर को पुलिस को खबर दी गई। पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर की। एसीपी मधु विहार नीरव पटेल, एसएचओ सुरेंद्र कुमार व अन्यों की टीम ने छानबीन शुरू की। छानबीन के दौरान पुलिस ने एक सीसीटीवी कैमरे से एक स्कूटी सवार की पहचान की। स्कूटी सवार कमल बंसल को पुलिस ने ओंकार नगर से गिरफ्तार किया तो उसने अपराध कबूल लिया। उसने बताया कि वारदात को विकास की मैनेजर ऋचा व उसके प्रेमी गुरमीत सिंह ने मिलकर अंजाम दिया। इसके बाद पुलिस ने पहले ओंकार नगर से गुरमीत सिंह और फिर मास्टर माइंड ऋचा को गिरफ्तार कर लिया। बाद में ऋचा की मां अनीता को भी पकड़ लिया। इनके पास से कुल 36 लाख रुपये बरामद हो गए। बाकी रुपये से अनीता व ऋचा ने अपना कर्जा उतार दिया।

ऋचा ने कर्जा उतारने के लिए रची थी कारोबारी के बेटे को अगवा करने की साजिश

ऋचा ने बताया कि वह अपने पति निकुल सब्बरवाल के साथ मानसरोवर गार्डन में रहती है। उसके दो बच्चे हैं। लॉकडाउन में उसके पति को भारी घाटा हुआ था। पति का कारोबार ठप हुआ तो उसे ही घर का खर्चा चलाना पड़ रहा था। ऋचा के परिवार पर मोटा कर्जा हो गया था। बैंक्वेट हॉल में उसे 25 हजार रुपये मिलते थे, इससे उसका खर्चा नहीं चल पाता था। ऋचा ने कर्जा उतारने के लिए अपने ही मालिक के बेटे को अगवा करने की साजिश रच दी। इसके लिए उसने अपने प्रेमी गुरमीत सिंह को योजना बताई। उसमें कमल बंसल को भी शामिल किया गया। एक टॉय गन से गुरमीत ने वारदात को अंजाम दिया। बाद में रकम को सभी ने आपस में बांट लिया।

70 किलोमीटर के दायरे में लगे करीब 150 कैमरों की जांच के बाद मिला सुराग

मामले की जांच कर रहे एसीपी नीरव पटेल ने बताया कि वारदात के बाद पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आरोपितों का सुराग लगाने का प्रयास किया। जिस-जिस रोड से आरोपितों की कार गुजरी उसकी लोकेशन लेने के लिए कारोबारी के बेटे किनशुक के मोबाइल की सीडीआर का इस्तेमाल किया गया। आरोपितों ने करीब 70 किलोमीटर राजधानी की सड़कों पर गाड़ी चला दी थी। उस रास्ते में पड़ने वाले 150 कैमरों की मदद से आरोपितों का सुराग लगाने का प्रयास किया। कड़ी मेहनत के बाद आखिरी सफलता मिली। एक कैमरे में स्कूटी सवार कमल बंसल कैद मिला। जिसकी गिरफ्तारी के बाद इससे पर्दा उठ गया।

कौन हैं पकड़े गए सभी आरोपित

पकड़ा गया आरोपित गुरमीत ओंकार नगर इलाके में प्रॉपर्टी का काम करता है। कमल बंसल इसका दोस्त है। ऋचा और गुरमीत के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा है। ऋचा ने जब उसे बैंक्वेट हॉल कारोबारी के बेटे को अगवा करने की योजना बताई तो वह तैयार हो गया। वहीं वारदात में ऋचा ने अपनी मां अनीता को भी शामिल किया। 16 दिसंबर को अचानक किनशुक ने गाजीपुर फूल मंडी जाने की बात की तो ऋचा को लगा कि उसे अगवा करने का सबसे बढ़िया मौका है। उसने गुरमीत से तैयार रहने के लिए कहा। योजना के तहत गुरमीत टॉय पिस्टल लेकर फूल मंडी गाजीपुर पहुंच गया और उसने वारदात को अंजाम दिया।

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