
मधुबनी में अतिक्रमण से कराह रहा शहर: लोहापट्टी-गिलेशन से लेकर थाना चौक तक फुटपाथ गायब, जाम से जूझ रहे लोग
मधुबनी- 02 नवंबर। मधुबनी शहर इन दिनों अतिक्रमण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। मुख्य चौक-चौराहों से लेकर गली-मोहल्लों तक फुटपाथ और सड़क किनारे अवैध कब्जा आम हो गया है।
शहर का सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र लोहापट्टी और गिलेशन बाजार सबसे ज्यादा प्रभावित है। सुबह से ही सड़क के दोनों किनारे और नाले के ऊपर तक ठेला, खोमचा, सब्जी-फल और कपड़ा दुकानें सज जाती हैं। इससे सड़क की चौड़ाई आधी रह गई है। दुकानदारों ने नाले को स्लैब से ढककर स्थायी दुकान बना ली है, जिससे सफाई नहीं हो पाती और थोड़ी बारिश में ही जलजमाव हो जाता है। दिनभर जाम से पैदल यात्री, स्कूली बच्चे और महिलाओं का चलना दूभर है।
थाना चौक से बड़ी बाजार तक सड़क के दोनों तरफ सब्जी, फल, कपड़ा विक्रेताओं ने फुटपाथ पर कब्जा कर रखा है। दुकान का सामान सड़क तक फैला है। स्टेशन रोड और शंकर चौक पर ऑटो और ई-रिक्शा स्टैंड के नाम पर सड़क पर ही अतिक्रमण है। सुबह-शाम भीषण जाम लगता है। महिला कॉलेज रोड और अस्पताल रोड पर ठेले-खोमचे और अवैध पार्किंग के कारण सबसे ज्यादा परेशानी है। स्कूली बच्चों और एंबुलेंस तक को निकलने में घंटों लग जाते हैं।
नगर निगम के धावा दल ने पूर्व में गिलेशन बाजार और लोहापट्टी में जेसीबी से अतिक्रमण हटाया था, फुटपाथ खाली कराया था, लेकिन 48 घंटे के अंदर फिर से अतिक्रमण हो गया। लोगों का आरोप है कि निगम सिर्फ खानापूर्ति करता है। स्थायी वेंडिंग जोन नहीं बनाया गया, न ही जुर्माना लगाया जाता है। स्थानीय सुभाष यादव उर्फ हनुमानजी ने बताया कि फुटपाथ पर कब्जे से आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है, लेकिन नगर निगम उदासीन बना है।
जिला प्रशासन और नगर निगम संयुक्त रूप से नियमित अभियान चलाए, फुटपाथ खाली कराए, अवैध पार्किंग पर जुर्माना लगाए। छोटे दुकानदारों के लिए चिन्हित वेंडिंग जोन बनाए। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार दीपावली-छठ के बाद एक बार फिर सघन अभियान चलाकर नालों पर बने अवैध कब्जों को नोटिस दिया जाएगा।



