
MADHUBANI:- पोखर सरकारी, CMO-QRT का आदेश भी… फिर भी 13 दिन से कुंभकर्णी नींद में रहिका CO, गुलटेनी पोखर पर बुलडोजर का इंतजार
मधुबनी- 27 अक्टूबर। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO-QRT) का 3 घंटे का अल्टीमेटम भी रहिका अंचल प्रशासन के लिए कागज का टुकड़ा बन गया। वार्ड 21, चकदह गुलटनी पोखर पर कार्रवाई जीरो है, जब CMO-QRT ने साफ लिखा है कि मामला QRT स्तर पर मॉनिटर हो रहा है और समय पर रिपोर्ट नहीं देने पर जवाबदेही तय कर उच्चाधिकारी को सूचना दी जाएगी, उसके बाद भी अंचल मौन है।
14 अक्टूबर को आया था CM से आदेश:
समाहरणालय मधुबनी के नोडल पदाधिकारी CMO-QRT सह अपर समाहर्ता ने पत्रांक-11 के द्वारा 14 अक्टूबर 2026 को रहिका अंचलाधिकारी को आदेश दिया था कि शिकायतकर्ता मिहिर झा ने शिकायत की थी कि 100 साल पुराने छठ घाट गुलटनी पोखर में अतिक्रमणकारियों द्वारा सीधे शौचालय का मल-मूत्र बहाया जा रहा है। आदेश था – 3 घंटे में जांच कर अनुपालन रिपोर्ट भेजें।
27 अक्टूबर तक एक ईंट भी नहीं हिली:
13 दिन बीत गए। रहिका अंचल ने ना मापी कराई, ना नोटिस दिया, ना अतिक्रमण हटाया।
पहले से मौजूद है – राजस्व कर्मचारी की रिपोर्ट:
सबसे बड़ी बात, रहिका CO के पास पहले से ही हल्का-3 के राजस्व कर्मचारी की जांच रिपोर्ट मौजूद है, जिसमें साफ लिखा है कि मौजा -चकदह, थाना – 33, खाता – 287, खेसरा – 234, रकबा – 1-18-10 गैरमजरूआ खास एवं सैरात पंजी – 71/29 में 1-00-45 डिसमिल का गुलटेनी तालाब सरकारी है। स्थानीय लोगों ने पुष्टि की है कि छठ घाट पर अतिक्रमण हुआ है। अमीन से मापी कराकर चिन्हित कर खाली कराया जा सकता है। मतलब जमीन सरकारी है, सबूत सरकारी फाइल में है, अतिक्रमण की पुष्टि भी हो चुकी है। अब सिर्फ अमीन से मापी और बुलडोजर चलाना बाकी है।
फिर देरी क्यों?
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक गुलटेनी पोखर अतिक्रमण के चलते छठ महापर्व के लायक नहीं बचा है। मल-मूत्र अब भी पोखर में बह रहा है। आरटीआई एक्टिविस्ट सुभाष यादव उर्फ हनुमानजी ने जिलाधिकारी से मांग की है कि CMO-QRT आदेश की अवहेलना पर संबंधित पदाधिकारी पर कार्रवाई करते हुए गुलटनी पोखर को अविलंब अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। रहिका अंचल अधिकारी रोहित कुमार ने बताया कि राजस्व कर्मचारी और अमीन को हड़ताल पर होने के चलते अग्रेतर कार्रवाई संभव नहीं हो सका है। पोखर को अतिक्रमण मुक्त कराई जाएगी।



