
छात्र ध्यान दें: बिहार के 54 प्राइवेट ITI में इस साल एडमिशन बंद, मधुबनी के 6 संस्थान शामिल, जानिए वजह
मधुबनी- 24 अक्टूबर। अगर आप बिहार के किसी निजी आईटीआई में एडमिशन लेने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। शिक्षकों का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड नहीं करने पर केंद्र सरकार ने बिहार के 54 निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) पर बड़ी कार्रवाई की है।
प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) ने इन 54 संस्थानों में इस साल नामांकन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इससे इनकी कुल 4,523 सीटों पर इस साल किसी भी छात्र का दाखिला नहीं हो पाएगा।
क्यों लगी रोक?
दरअसल, DGT ने सभी निजी ITI को 16 मई तक अपने शिक्षकों की पूरी जानकारी SIDH पोर्टल पर अपलोड करने को कहा था। बाद में इसकी तारीख बढ़ाकर 30 जून और फिर 3 सितंबर तक की गई। इसके बावजूद 54 संस्थानों ने जानकारी नहीं दी। मामला दिल्ली हाईकोर्ट तक भी गया, लेकिन कोर्ट ने DGT के फैसले को सही ठहराया।
अब क्या होगा?
DGT ने कहा है कि जो ITI शिक्षकों की जानकारी अपलोड करेंगे, उनकी मैपिंग के बाद ही सीटें आवंटित होंगी, नहीं तो सीटें शून्य ही रहेंगी।
इन संस्थानों को दिसंबर तक जुर्माने के साथ जानकारी अपलोड करने का मौका दिया गया है।
19 से 25 सितंबर: 50 हजार प्रति ट्रेड जुर्माना, 28 सितंबर से 12 अक्टूबर: 75 हजार जुर्माना, 19 अक्टूबर से 2 नवंबर: 1 लाख प्रति ट्रेड, 3 से 17 नवंबर: 1.25 लाख प्रति ट्रेड, 18 नवंबर से 31 दिसंबर: 1.50 लाख (डेढ़ लाख) प्रति ट्रेड।
लेकिन जुर्माना भरने के बाद भी निर्धारित तिथि खत्म होने के कारण इस साल इन 54 ITI में एडमिशन नहीं हो सकेगा।
बिहार में स्थिति:
बिहार में कुल 1268 निजी ITI हैं, जिनमें 1 लाख 17 हजार 166 सीटों पर नामांकन होता है।
शिक्षकों की योग्यता क्या होनी चाहिए?
-थ्योरी के लिए डिप्लोमा या डिग्रीधारी इंजीनियर शिक्षक।
-प्रैक्टिकल के लिए ITI पास शिक्षक का होना अनिवार्य।



