
‘प्रकृति ही प्रभु है’ थीम पर निकली साइकिल यात्रा का CM सम्राट ने किया स्वागत, कहा- विकास और पर्यावरण में बना रहे हैं संतुलन
पटना- 17 अक्टूबर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘नेक संवाद’ में नेपाल स्थित जनकपुर धाम से प्रारंभ होकर भारत के विभिन्न राज्यों से होते हुए उत्तराखंड के देहरादून तक साइकिल यात्रा कर रहे दल से मुलाकात की और उनका स्वागत किया। इस यात्रा की थीम ‘प्रकृति ही प्रभु है’ है।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार-झारखंड बंटवारे के बाद बिहार का हरित आवरण क्षेत्र 6 प्रतिशत रह गया था। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं श्रद्धेय स्व. सुशील कुमार मोदी के नेतृत्व में बिहार ने पिछले 20 वर्षों में जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण का कार्य तेजी से किया। बिहार का हरित आवरण क्षेत्र अब बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है। पहले बिहार में सिंचित जमीन 21 लाख हेक्टेयर थी, जो अब बढ़कर 44 लाख हेक्टेयर हो गई है। पर्यावरण को संतुलित रखते हुए बिहार में विकास के काम तेजी से किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष 32 प्रतिशत कम वर्षापात हुआ है, लेकिन नेपाल से आने वाले पानी के कारण बिहार में बाढ़ की स्थिति बनी। गंडक, कोसी और गंगा नदी के पानी को व्यवस्थित करने के लिए स्थायी योजना पर काम किया जा रहा है। सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर बिहार और झारखंड के बीच सहमति बन गई है। इन्द्रपुरी बराज का निर्माण कराया जाएगा और सोन नदी के पानी को फल्गु नदी से लिंक किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की ग्रामीण सड़कें काफी अच्छी हैं, सभी घरों तक बिजली पहुँचा दी गई है और 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रही हैं। 1 करोड़ 81 लाख महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ी हैं, 50 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया गया है और 60 लाख पशु सखी बनाए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य 2030 तक बिहार की सभी महिलाओं को स्किल्ड बनाना है। गांव की अर्थव्यवस्था बेहतर होगी तो राज्य की अर्थव्यवस्था बेहतर होगी।
उन्होंने कहा कि बिहार में ईको टूरिज्म और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने पर तेजी से काम किया जा रहा है। जल प्रबंधन को लेकर कार्य योजना बनाई गई है ताकि बिहार के पानी का सदुपयोग हो। बिहार का गौरवशाली इतिहास रहा है और हम बिहार को फिर से उसी ऊंचाई तक ले जाने के लिए सभी क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।



