
हस्तशिल्प पुरस्कार 2025: शिल्प गुरु और राष्ट्रीय पुरस्कारों की फाइनल सूची जारी, MADHUBANI की महानमा देवी को शिल्प गुरु सम्मान
नई दिल्ली, 17 अक्टूबर। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय द्वारा वर्ष 2025 के लिए शिल्प गुरु पुरस्कार, राष्ट्रीय पुरस्कार, डिजाइन इनोवेशन पुरस्कार और स्टार्ट-अप वेंचर पुरस्कार के लिए चयनित कलाकारों की अंतिम सूची जारी कर दी गई है। यह सूची 18 जुलाई 2026 को हुई केंद्रीय स्तरीय चयन समिति की बैठक में फाइनल की गई है। इस संबंध में सहायक निदेशक (कल्याण) अखिलेश कुमार मौर्य ने कार्यालय ज्ञापन जारी किया है। बिहार के लिए गर्व की बात है कि मधुबनी की प्रसिद्ध मिथिला चित्रकार महानमा देवी को गोदना शैली में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए शिल्प गुरु से सम्मानित किया गया है।
शिल्प गुरु पुरस्कार-2025 के 6 विजेता:—
शिल्प गुरु पुरस्कार हस्तशिल्प क्षेत्र का सर्वोच्च सम्मान है। इस साल 6 शिल्पियों को चुना गया है। जिसमें झुनु दत्ता-पत्ता, नरकट और बेंत शिल्प-हावड़ा, पश्चिम बंगाल, महानमा देवी मधुबनी पेंटिंग (गोदना शैली)-गांव जितवारपुर,जिला मधुबनी, बिहार, बानू राम बैद-बस्तर ढोकरा (बेल मेटल)-कोंडागांव, छत्तीसगढ़, ए.प्रताप- नारियल जटा शिल्प-तिरुवनंतपुरम,केरल, जलालुद्दीन-हड्डी नक्काशी-लखनऊ,उत्तर प्रदेश, भुवनेश प्रसाद-टेराकोटा और मिट्टी शिल्प- दिल्ली।
राष्ट्रीय पुरस्कार – 2025 के 17 विजेता:—
राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए 17 श्रेणियों में चयन हुआ है, जिसमें एक जनजातीय श्रेणी में संयुक्त विजेता हैं। जिसमें प्रदीप कुमार महाराणा (ओडिशा) – बेलागुंठा लचीली पीतल मछली शिल्प, पियास प्रतिम सरकार (पश्चिम बंगाल) – मुर्शिदाबाद लघु काष्ठ नक्काशी,- कृष्णप्रसाद (केरल) – केरल म्यूरल पेंटिंग, ओइनम अशोक मेइतेई (मणिपुर) – निंगथौखोंग पत्थर शिल्प, अमर लाडू शेट (गोवा) – टेराकोटा, पेमा वांग्याल भूटिया (सिक्किम) – थांगका पेंटिंग, संजय कुमार सोनी (राजस्थान)-चांदी के हस्तनिर्मित आभूषण,आशा जी कृष्णा (केरल)-पेपर क्विलिंग शिल्प,उमा बाई (कर्नाटक)- सांडूर लम्बानी कढ़ाई, रफीक अहमद सोफी (जम्मू-कश्मीर)-कश्मीरी हस्तनिर्मित कालीन, बंगारू सूरी बाबू (आंध्र प्रदेश) – एतिकोप्पाका लकड़ी के खिलौने – अनकापल्ली जिला, HSC विजयवाड़ा, सुदर्शन पारीक (राजस्थान) – चावल पर सूक्ष्म चित्रकारी, द्रौपदी गेदी (ओडिशा) – कोणार्क पत्थर नक्काशी (महिला कलाकार), दीपांशु वर्मा (दिल्ली) तांबा शिल्प (30 वर्ष से कम युवा कलाकार), लिमो रिबा (अरुणाचल) गालो बेंत-बांस शिल्प (दिव्यांग कलाकार), शरद कुमार सोनी (राजस्थान) – वरक प्रिंटिंग (लुप्तप्राय शिल्प), सोइगन पांसा (अरुणाचल) – वांचो मनका आभूषण और मेरी चकमा (मिजोरम) – ड्राई फ्लावर शिल्प (संयुक्त जनजातीय विजेता) है, अन्य दो विशेष पुरस्कार:- डिजाइन इनोवेशन पुरस्कार – सरिता राणा (शिल्पी) / अश्वनी शर्मा (डिजाइनर) – मूंज घास शिल्प, उत्तराखंड- स्टार्ट-अप वेंचर पुरस्कार-साई किरण धनालाकोटा (शिल्पी) / मेमेराकी (स्टार्टअप) – चेरियाल पेंटिंग, तेलंगाना/दिल्ली



