
MADHUBANI:- अवैध नर्सिंग होम और जांच केंद्रों पर कार्रवाई की मांग को लेकर MSU का धरना, मौकेे पर बोले शशि अजय, कहा- मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनका किया जाता है आर्थिक शोषण
मधुबनी- 09 अक्टूबर। मिथिला स्टूडेंट यूनियन (एमएसयू) की मधुबनी जिला इकाई के नेतृत्व में शुक्रवार को समाहरणालय के समक्ष मधुबनी जिले में संचालित अवैध नर्सिंग होम, पैथोलॉजी जांच केंद्रों एवं रेडियोलॉजी केंद्रों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना दिया गया। धरना के माध्यम से संगठन ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी बनाने की मांग उठाई। धरना के बाद जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपकर संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों की निष्पक्ष जांच कराने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने का आग्रह किया गया।
धरना को संबोधित करते हुए एमएसयू के जिलाध्यक्ष शशि अजय झा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा आम जनता का अधिकार है। मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनका आर्थिक शोषण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। जिले में संचालित सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों के पंजीकरण, वैधता, उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं और निर्धारित मानकों की जांच होनी चाहिए। जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध बिना किसी दबाव के कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम जनता को सुरक्षित और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
एमएसयू के वरिष्ठ नेता प्रवेश झा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवार बेहतर इलाज की उम्मीद में निजी स्वास्थ्य संस्थानों का रुख करते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता का सीधा असर आम परिवारों पर पड़ता है। प्रशासन को नियमित निरीक्षण की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हो। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर मामले में ठोस कार्रवाई समय की मांग है।
जिला महासचिव राजन दत्त झा ने कहा कि केवल शिकायतों के आधार पर औपचारिक कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। जिले में संचालित सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों का व्यवस्थित सर्वेक्षण कर उनकी वैधता एवं निर्धारित मानकों की जांच की जानी चाहिए। बिना वैध अनुमति के संचालित अथवा नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, जांच और कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि आम जनता का प्रशासन पर विश्वास मजबूत हो सके।
वहीं, मयंक विश्वास ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। पैथोलॉजी एवं रेडियोलॉजी जांच की विश्वसनीयता, योग्य तकनीकी कर्मियों की उपलब्धता और मरीजों से निर्धारित शुल्क लेने जैसे विषयों पर विशेष निगरानी रखी जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने की मांग की।
एमएसयू के नेता विजय श्री टुन्ना ने कहा कि जिले में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम, पैथोलॉजी एवं रेडियोलॉजी केंद्रों के खिलाफ प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है। स्वास्थ्य सेवा के नाम पर आम लोगों की जिंदगी और उनकी गाढ़ी कमाई से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गरीब मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद में अपनी जमा-पूंजी खर्च कर देते हैं। ऐसे में यदि उन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप जांच और उपचार नहीं मिलता है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि सभी संबंधित संस्थानों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति करने के बजाय नियमित निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पारदर्शी और विश्वसनीय बन सके।
मौके पर विद्या भूषण, दरभंगा जिला अध्यक्ष अभिषेक यादव, नेता अविनाश भारद्वाज, जिला परिषद सदस्य अमित कुमार ठाकुर, रौशन भारद्वाज, चंदन सिंह, गोपी ग्वाला, राजन झा, मणिराज कुमार,निहाल कुमार, गौरव कुमार, आनंद पासवान, प्रशांत रंजन, मिहिर ठाकुर, मुरारी मंडल, शिवेश, मोनू चौधरी, कृष्णमोहन,नवीन साहनी, आदित्य मंडल, अमित मिश्रा, रमेश बाबा, नारायण मिश्रा, अजय झा एवं चंद्रवीर ठाकुर सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।



