
बिहार
ई-रक्तकोष प्रशिक्षण में मधुबनी के चिकित्सक कुणाल कौशल गुवाहाटी में सम्मानित
मधुबनी, 7 अक्टूबर। रक्त केंद्रों में ई-रक्तकोष प्रणाली के बेहतर संचालन एवं प्रभावी उपयोग को लेकर बुधवार को गुवाहाटी, असम में आयोजित प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में मधुबनी सदर अस्पताल स्थित रक्त केंद्र के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कुणाल कौशल ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के उपरांत उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
खास बात यह है कि पूरे बिहार से इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए केवल दो चिकित्सकों का चयन किया गया था। इनमें एनएमसीएच के डॉ. अपूर्वा रंजन और मधुबनी सदर अस्पताल के डॉ. कुणाल कौशल शामिल हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के रक्त केंद्रों से आए चिकित्सकों ने भी भाग लिया।
डॉ. कुणाल कौशल ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रक्त केंद्रों में ई-रक्तकोष प्रणाली के प्रभावी संचालन, रक्त की उपलब्धता, संग्रह, भंडारण एवं वितरण सहित रक्त से संबंधित विभिन्न गतिविधियों के डिजिटल प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ करना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ई-रक्तकोष प्रणाली के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि वे अपने-अपने
संस्थानों में इसके प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ अन्य कर्मियों को भी प्रशिक्षित कर सकें।
उन्होंने बताया कि ई-रक्तकोष के माध्यम से रक्त केंद्रों की विभिन्न गतिविधियों को डिजिटल रूप से व्यवस्थित एवं प्रबंधित करने में मदद मिलती है। इससे रक्त की उपलब्धता और मांग की जानकारी का बेहतर समन्वय किया जा सकता है तथा जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है।
सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने डॉ. कुणाल कौशल के प्रशिक्षण के लिए चयनित होने और प्रशस्ति पत्र प्राप्त करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे मधुबनी जिले के रक्त केंद्र में ई-रक्तकोष प्रणाली के उपयोग एवं डिजिटल प्रबंधन को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। आधुनिक डिजिटल प्रणालियों के प्रभावी उपयोग से रक्त केंद्र की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकता है।



