
BIHAR:- संस्कृत शिक्षा बोर्ड में करोड़ों का महाघोटाला उजागर, हाईकोर्ट में PIL दायर
मधुबनी- 06 अक्टूबर। बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड में शिक्षकों की नियुक्ति और बकाया वेतन भुगतान के नाम पर करोड़ों रुपये के महाघोटाले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर कांग्रेस के मधुबनी जिला पूर्वी के जिलाध्यक्ष नलिनी रंजन झा ने बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष सहित राज्य के शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही इस पूरे फर्जीवाड़े को लेकर पटना उच्च न्यायालय में लोकहित याचिका (PIL No. 19889/2026) भी दायर की गई है।
क्या है पूरा मामला?
कांग्रेस जिलाध्यक्ष नलिनी रंजन के अनुसार, सूत्रों और विभिन्न परिवाद-पत्रों, समाचार-पत्रों से मिली जानकारी में यह बात सामने आई है कि अररिया जिले के लगभग 20 स्वीकृत संस्कृत विद्यालयों में वर्ष 2021 में संविदा पर नियुक्ति हुई थी।
आरोप है कि प्रधानाध्यापकों, सहायक शिक्षकों और कार्यालय परिचारियों से मोटी रकम लेकर बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड, पटना का फर्जी अनुमोदन-पत्र बना दिया गया। उस फर्जी पत्र के आधार पर 2012 से ही बड़ी संख्या में लोगों को बैक डेट में नियमित नियुक्त दिखाकर, बिना पुष्टि कराए ही बकाया वेतन के नाम पर एकमुश्त लाखों-लाख रुपये की निकासी कर बंदरबांट कर ली गई।
यह मामला सागर कुमार झा, बखरी (अररिया) द्वारा विभिन्न माध्यमों से उजागर किया गया।
माफिया सरगना पर करोड़ों की संपत्ति बनाने का आरोप—
इस महाघोटाले में अररिया के दभड़ा निवासी सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक दयानंद झा को मुख्य सरगना बताया गया है। आरोप है कि दयानंद झा ने जिला शिक्षा कार्यालय, अररिया के अधिकारियों-कर्मचारियों और संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की मिलीभगत से यह खेल किया। इस धांधली से दयानंद झा करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति के मालिक बन गए हैं। कालिका भवन संस्कृत विद्यालय, बरदबत्ता (पलासी) के पूर्व सचिव पशुपति नाथ झा और वर्तमान सहायक शिक्षक पंकज कुमार झा के पत्रों से भी स्पष्ट होता है कि बैक डेटिंग कर नियुक्ति का यह सिलसिला अभी भी जारी है।
हाईकोर्ट में याचिका—
इन तथ्यों के आधार पर सुपौल के पूर्व विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने अधिवक्ता प्रमोद मिश्र के माध्यम से पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में माफिया सरगना दयानंद झा, पटेगना, पलासी (अररिया) सहित संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, शिक्षक, परिचारी और शिक्षा विभाग के दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई और दयानंद झा की संपत्ति की जांच की मांग की गई है।
कांग्रेस के मधुबनी जिला पूर्वी के जिलाध्यक्ष नलिनी रंजन झा ने कहा कि याचिका संख्या-19889/2026 के आलोक में यदि उच्चस्तरीय जांच होती है, तो नियुक्ति धांधली और राशि निकासी के कई बड़े तथ्य उजागर होंगे। अब देखना है कि सरकार इस महाघोटाले पर क्या कार्रवाई करती है।



