
RTMS शिकायत के बाद खुली पोल – किसके कहने पर फूंका गया ट्रैक निर्माण पर 1.69 लाख रुपये, ब्रह्मानंद यादव ने मांगा हिसाब
मधुबनी- 29 सितंबर। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में भ्रष्टाचार का एक और जीता-जागता नमूना मधुबनी के गंगासागर चौक पर खड़ा है। रहिका सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष व राजद नेता ब्रह्मानंद यादव ने गंगासागर स्थित मोटर ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक का निरीक्षण करने के बाद सरकार पर तीखा हमला बोला।
ब्रह्मानंद यादव ने कहा, “69 लाख रुपये फूंक कर बनाया गया ये ट्रैक सरकार के भ्रष्टाचार का स्मारक है। हैंडओवर से पहले ही यह टूट-फूट गया, पेवर ब्लॉक धंस गए, बीच में घास-जंगल उग आया है। 2 साल बीत गए, एक भी गरीब चालक का लाइसेंस टेस्ट यहाँ नहीं हुआ। यह सात निश्चय योजना नहीं, सात नाश योजना है।”
उन्होंने बताया कि स्थानीय अधिवक्ता राकेश रंजन झा ने जब मुख्यमंत्री सचिवालय के RTMS पोर्टल पर शिकायत की, तब जाकर जिलाधिकारी के आदेश पर अपर समाहर्ता, DTO और DSP ट्रैफिक की टीम ने जांच की।
जांच रिपोर्ट ने ही पोल खोल दी—
ब्रह्मानंद यादव ने जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, “खुद जिला परिवहन पदाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में मान लिया है कि यह ट्रैक शहर के बीचों-बीच बनने से पूरी तरह अनुपयोगी है। संकरे रास्ते और जाम के कारण यहां टेस्ट लेना ही संभव नहीं। तो फिर 69 लाख रुपये किसके कहने पर यहाँ फूंका गया?”
उन्होंने कहा, “DTO अब शहर से बाहर 2.5 एकड़ नई जमीन मांग रहे हैं, विभाग ने दूसरा ट्रैक मंजूर भी कर दिया है। मतलब पुराना 69 लाख का ट्रैक कबाड़ में गया और अब फिर करोड़ों का नया घोटाला होगा।
ब्रह्मानंद यादव ने तीन सवाल उठाए—
जब मिट्टी भराई सही से नहीं हुई, ट्रैक बैठ गया, तो भवन प्रमंडल, मधुबनी के अभियंता पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?, 69 लाख सरकारी रुपये के दुरुपयोग का हिसाब कौन देगा?, क्या सरकार बताएगी कि अनुपयोगी जगह पर ट्रैक बनाने का प्रस्ताव किसने दिया और पास किसने किया?
उन्होंने जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर भवन प्रमंडल के जिम्मेदार अधिकारियों और संवेदक पर FIR दर्ज कर 69 लाख की वसूली की जाए।



