
हिन्दी ने पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधने का काम किया: मुख्यमंत्री
पटना- 14 सितंबर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हिन्दी दिवस पर नेहरू पथ स्थित बिहार राज्य अभिलेख भवन के सभागार में मंत्रिमंडल सचिवालय (राजभाषा) विभाग द्वारा आयोजित हिन्दी दिवस समारोह सह कवि सम्मेलन का उद्घाटन किया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिन्दी हमारी मातृभाषा ही नहीं, हमारी पहचान है। उन्होंने बिहार में दो दिवसीय हिन्दी साहित्य समागम आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि हिन्दी के रचनाकारों और नई पीढ़ी को एक मंच मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व में सर्वाधिक प्रयोग की जाने वाली भाषाओं में हिन्दी का महत्वपूर्ण स्थान है। यह दुनिया में तीसरी सर्वाधिक प्रयोग की जाने वाली भाषा है। हिन्दी ने पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधने का काम किया है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा संयुक्त राष्ट्र में हिन्दी में दिए गए ऐतिहासिक संबोधन को गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। साथ ही BRICS सम्मेलन में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हिन्दी में भारत का पक्ष और संदेश रखने के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने बिहार में बाढ़ की स्थिति एवं क्षति के आकलन के लिए केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में केंद्रीय टीम के बिहार आने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि नदियों को जोड़ने के साथ-साथ उनका संरक्षण भी जरूरी है। बिहार में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में राज्य सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है। नदियों के संरक्षण से ही बाढ़ और सुखाड़ दोनों की समस्या का समाधान निकलेगा। मौके पर उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र यादव सहित राजभाषा विभाग के सचिव, कई साहित्यकार, कवि, वरीय पदाधिकारी और बड़ी संख्या में हिन्दी प्रेमी मौजूद थे।



