
मधुबनी में फाइलों में सिमटकर रह गया सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट: नौशाद आलम
मधुबनी- 23 अप्रैल। मकसूदा पैक्स अध्यक्ष मो. नौशाद आलम ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण कार्य कब तक शुरु नहीं होना बड़ा सवाल बनकर रह गया है। सालों साल गुजर जाने के बाद भी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य शुरू नहीं हो सका। विभाग की उदासीनता से अब सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट फाइलों की शोभा बढ़ा रहा है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट द्वारा केनाल से निकलने वाले दूषित जल को कृषि योग्य बनाया जाना था। जिससे आसपास के किसानों को सिचाई का लाभ मिलता।
प्लांट के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए करीब चार वर्ष पूर्व तत्कालीन सदर एसडीओ अभिषेक रंजन ने जीवछ नदी के आसपास सरकारी जमीनों का मुआयना किया था। इस दौरान सदर एसडीओ ने रहिका प्रखंड विकास पदाधिकारी व अंचलाधिकारी को शीघ्र ही जमीन चिन्हित कर प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया था। उन्होंने बताया कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण नहीं होने से वर्षा पानी का संचय नहीं हो रहा है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के द्वारा बारिश के गंदे पानी से हानिकारक रोगाणुओं और विषाक्त पदार्थों को हटाकर जल प्रदूषण कम किया जाता हैं। जिससे जल की स्वच्छता बनी रहती हैं। ऐसे पानी का उपयोग सिंचाई, औद्योगिक उपयोग और फ्लशिंग के लिए भी किया जा सकता है। जलजनित रोगों की रोकथाम में कारगर साबित होता हैं। प्लांट का स्वच्छ पानी जलीय जीवन और वन्यजीवों के लिए लाभदायी होता हैं। उन्होंने कहा कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से पहले स्ट्राम वाटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट का कार्य पूरा किया जाना था। इस प्रोजेक्ट का कार्य कई माह से ठप है।
शहर स्टेडियम चौक से महराजगंज होकर सूडी स्कूल चौक तक केनाल निर्माण कार्य ठप है। थाना चौक से कोतवाली चौक तक केनाल निर्माण के बाद इसकी सफाई नहीं किए जाने से बरसात के समय जलनिकासी में समस्या आ रही है। उन्होंने बताया कि पिछले साल बिहार विधानसभा प्राक्कलन समिति की बैठक मेंस्ट्राम वाटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट के तहत केनाल निर्माण कार्य बाधित रहने पर आपत्ति जताते हुए निर्माण कंपनी और बुडको को सख्त चेतावनी दी गई थी।



