
MADHUBANI:- ट्रैफिक चालान से हर महीने लाखों की वसूली, शहर में पार्किंग तक नहीं, ट्रैफिक व्यवस्था जस की तस: विजय कुमार
मधुबनी – 28 सितंबर। जिले में ट्रैफिक पुलिस द्वारा हर महीने लाखों रुपये के ई-चालान काटे जा रहे हैं। हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवर स्पीड, नो-पार्किंग जैसे मामलों में रोजाना दर्जनों चालान काटकर हर महीने लाखों रुपये का राजस्व जमा हो रहा है।
फुलपरास के पूर्व प्रत्याशी व RJV राष्ट्रीय जन विकास पार्टी बिहार (प्रस्तावित) के संस्थापक विजय कुमार ने सवाल उठाते हुए कहा कि वसूली गई यह रकम जाती कहां है और जिले की ट्रैफिक व्यवस्था पर कितना खर्च हो रहा है? उन्होंने कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वसूली गई राशि सरकारी खजाने में जाती है, जो नियमानुसार सड़क सुरक्षा, सड़क निर्माण, ट्रैफिक सिग्नल, CCTV, साइनेज और रोड सेफ्टी अवेयरनेस पर खर्च होनी चाहिए, लेकिन मधुबनी में इसका असर जमीन पर नहीं दिखता।
उन्होंने कहा कि शहर में ट्रैफिक पोस्ट के नाम पर सिर्फ 3-4 चौक पर जवान खड़े किए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों और NH-104 पर हाईवे पेट्रोलिंग वाहन (HPV) नाम के लिए चलता है, स्थाई ट्रैफिक बूथ तक नहीं है। शहर में आज तक एक भी ऑटोमेटिक ट्रैफिक सिग्नल नहीं लगा है। ब्रेथ एनालाइजर, इंटरसेप्टर वाहन और प्रॉपर पार्किंग जोन की भी व्यवस्था नहीं है। जाम से निजात के लिए कोई डायवर्जन प्लान नहीं है।
विजय कुमार ने कहा कि अगर वसूली गई राशि का 20-30% भी उसी जिले के ट्रैफिक सुधार, जाम से मुक्ति और सड़क सुरक्षा पर खर्च हो तो व्यवस्था में बड़ा सुधार दिखेगा। अभी पैसा ई-चालान के माध्यम से सीधे ट्रेजरी में चला जाता है और सुविधा के नाम पर जिला तरसता है।
उन्होंने मांग की कि जिला परिवहन कार्यालय और ट्रैफिक पुलिस को हर महीने सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए कि कितने चालान काटे गए, कितनी वसूली हुई और उसमें से जिले की ट्रैफिक व्यवस्था पर कितना खर्च किया गया।



