
मधुबनी के शिशु उद्यान में ‘रमेश्वरी लता’ जोड़ने की पहल शुरू, संस्कार संस्कृति संरक्षण समिति ने संभाल मोर्चा
मधुबनी- 23 अगस्त। शहर के काली मंदिर गंगासागर तालाब स्थित शिशु उद्यान के नाम में दरभंगा महाराज रामेश्वर सिंह की पत्नी ‘रमेश्वरी लता’ का नाम जोड़ने को लेकर एक बार फिर से स्थानीय लोगों में सुगबुगाहट शुरू हो गई है। इसके लिए अब संस्कार संस्कृति संरक्षण समिति ने मोर्चा संभाल लिया है। समिति ने विभागीय स्तर पर आवेदन देने की पहल शुरू कर दिया है। बता दें कि पार्क के लिए करीब 11 कठ्ठा जमीन राज दरभंगा की ओर से आवंटित की गई। जमीन पर साल 1986 में महारानी के नाम पर ‘रमेश्वरी लता शिशु उद्यान’ का उद्घाटन हुआ। उद्यान के लिए जमीन उपलब्ध कराने के समय उद्यान का नाम ‘रमेश्वरी लता शिशु उद्यान’ ही रखने का प्रावधान तय किया गया था। लेकिन दो साल पूर्व वन विभाग द्वारा पार्क का जीर्णोद्धार कराए जाने के बाद बोर्ड पर सिर्फ ‘शिशु पार्क’ लिखा गया। पार्क के नाम से ‘रमेश्वरी लता’ हटा दिया गया। जबकि नियमानुसार पार्क में रमेश्वरी लता का नाम जोड़ा जाना था। हालांकि पार्क में रमेश्वरी लता का नाम नहीं जोड़े जाने पर तत्काल कुमार कपिलेश्वर सिंह द्वारा आपत्ति भी जताई गई थी। आपत्ति के बाद भी पार्क के नाम में सुधार नहीं किया गया।
उद्यान के लिए राज दरभंगा ने उपलब्ध कराया 11 कट्ठा जमीन—
राज दरभंगा द्वारा रामेश्वरी लता शिशु उद्यान के लिए उपलब्ध भूमि पर वर्ष 1985 में उद्यान का शिलान्यास किया गया। साल 1986 में तत्कालीन जिलाधिकारी गंगाधर झा, तत्कालीन पूर्व विधायक राजकुमार महासेठ, तत्कालीन डीएसपी अलख राम उदासीन चौधरी, डीएसपी बालमुकुंद झा, सदर एसडीओ मो. मसूद आलम ने संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया था। पार्क निर्माण तत्कालीन नगर पालिका (अब नगर निगम) द्वारा कराया गया था। उद्यान का निर्माण तत्कालीन वार्ड पार्षद डॉ. हरिश्चंद्र झा के पहल पर संभव हो सका था। शहर में बच्चों के एक मात्र पार्क का निर्माण बच्चों के लिए वरदान साबित हुआ। पार्क में बच्चे खेल-कूद के साथ झूला का आनंद उठाते रहे।
कुमार कपिलेश्वर सिंह से मुलाकात करेंगे समिति का शिष्टमंडल—
संस्कार संस्कृति संरक्षण समिति के अध्यक्ष संजीव कुमार ने बताया कि पार्क में रमेश्वरी लता का नाम पुनः जोड़ने के लिए सबसे पहले वन विभाग और जिलाधिकारी को आवेदन दिया जाएगा। इसके बाद जरूरत पड़ने पर राज्य के संबंधित मंत्री व मुख्यमंत्री को आवेदन दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि समिति का एक शिष्टमंडल कुमार कपिलेश्वर सिंह से भी मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराएगा। क्योंकि पार्क की जमीन राज दरभंगा द्वारा ही दान दी गई थी और दान की शर्त के अनुसार पार्क का नाम रमेश्वरी लता शिशु उद्यान होना चाहिए।



