
बिहार में सांसद-विधायक का कॉल नहीं उठाने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं, सरकार का DM-SP समेत सभी वरीय अधिकारीयों को अल्टीमेटम
“बिहार सरकार का सख्त फरमान : विधायकों के फोन तुरंत रिसीव करो, पत्र का जवाब देना होगा। जनप्रतिनिधियों का सम्मान करो, प्रोटोकॉल तोड़ने पर कार्रवाई। अब DM-SP से लेकर सभी अफसरों को विधायक का फोन उठाना अनिवार्य। कॉल मिस किया तो करना होगा कॉल बैक”
पटना- 21 अगस्त। बिहार सरकार ने राज्य के सभी अधिकारियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने पत्रांक- 3/एम. 117/2011, 53140 के तहत चीफ सेक्रेटरी,डीजीपी,सभी अपर मुख्य सचिव,प्रधान सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारी को आदेश दिया है कि अब विधायकों और जनप्रतिनिधियों की आवाज़ की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी।
इस आदेश के बाद माना जा रहा है कि अब अधिकारियों पर जनप्रतिनिधियों की शिकायतों और सिफारिशों को नजरअंदाज करना भारी पड़ेगा। विपक्ष भी लगातार अधिकारियों के रवैये की शिकायत करता रहा है। यह आदेश 21.08.2026 को सरकार के सचिव मो. सोहेल के हस्ताक्षर से जारी किया गया है।
क्या है सरकार का नया आदेश––
बिहार विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में 17.07.2026 को हुई वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक के आलोक में 3 बड़े निर्देश दिए गए हैं। 1. कॉल तुरंत उठाएं या कॉल बैक करें। विधानसभा सदस्यों द्वारा किए गए दूरभाष कॉल का यथासमय उत्तर देना होगा, यदि किसी अपरिहार्य कारणवश उस समय कॉल प्राप्त करना संभव न हो, तो यथाशीघ्र उन्हें कॉल कर आवश्यक संवाद स्थापित किया जाए। 2. पत्रों का समय पर जवाब दें।
माननीय सदस्यों से प्राप्त पत्राचार की प्राप्ति की सूचना तत्काल दें। उस पर की गई कार्रवाई अथवा वर्तमान स्थिति से निर्धारित समय-सीमा के भीतर संबंधित माननीय सदस्य को अवगत कराया जाए। 3. शिष्टाचार और प्रोटोकॉल का पालन हो।

जब कोई माननीय सदस्य किसी अधिकारी के कार्यालय में भेंट हेतु आएं, तो उनके पद एवं गरिमा के अनुरूप अपेक्षित प्रोटोकॉल, शिष्टाचार एवं सम्मानजनक व्यवहार का पालन किया जाए।

पत्र में कहा गया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधि जनता और शासन के बीच की मुख्य कड़ी होते हैं। पहले भी 2012, 2017, 2018, 2021 में इस संबंध में अनुदेश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन अब इसे और सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों और जिला पदाधिकारियों को अपने अधीनस्थ कार्यालयों में इसका दृढ़ता से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा है।



