
BJP को बर्दाश्त नहीं था भूमिहार का मंत्री बनना: कार्तिकेय
पटना- 01 सितंबर। मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद गुरुवार को विधि विभाग के पूर्व मंत्री कार्तिकेय कुमार सिंह ने पहली बार मीडिया से बात की। इस दौरान वह भाजपा पर जमकर बरसे। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने अपने इस्तीफे का कारण भी बताया है। उन्होंने कहा कि भूमिहार होने के कारण भाजपा उन्हें निशाना बना रही थी।
कार्तिकेय कुमार ने कहा कि भाजपा को ये बर्दाश्त नहीं हो रहा था कि राजद कोटे में भूमिहार समाज से किसी को मंत्री बनाया गया है। वे बार-बार मेरी छवि धूमिल करने के लिए बेबुनियाद आरोप को भाजपा के नेता बढ़ा चढ़ा कर पेश कर रहे थे। इससे मेरी प्रतिष्ठा तो खराब हो ही रही थी। साथ ही पार्टी और नेता की भी छवि धूमिल हो रही थी। इसलिए मैंने इस्तीफा देना बेहतर समझा और दे दिया।
विभाग बदल दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुझे इससे कोई नाराज़गी नहीं थी। सरकार ने मुझ पर भरोसा जताते हुए मुझे इतनी बड़ी ज़िम्मेदारी दी थी और इसको मैं ईमानदारी से निभाना चाहता था लेकिन भाजपा के नेता मेरी छवि खराब करने की हर संभव कोशिश कर रहे थे। यही वजह है कि मैंने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया और आज अपहरण केस की कोर्ट में सुनवाई भी होने वाली है। फैसला आ जाने के बाद सरकार में मुझे जो भी ज़िम्मेदारी मिलेगी, उसे निभाने के लिए मैं तैयार रहूंगा।
पूर्व मंत्री कार्तिकेय कुमार सिंह ने कहा कि 28 वर्ष तक शिक्षक रहे। बाद में वर्ष 2015 में एक अपहरण के मामले में उनका नाम घटना के नौ महीने बाद जोड़ा गया। घटना के दिन घटनास्थल से 5 किलोमीटर दूर स्थित एक गाड़ी में कार्तिक सिंह उर्फ मास्टर के होने की बात कही गई जो फर्जी तरीके से फंसाने का मामला था। उन्होंने कहा कि इस मामले में वे कोर्ट से जमानत पर थे लेकिन कोरोना काल में कुछ व्यवधान की वजह से कोर्ट की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
अनंत सिंह से उनकी नजदीकियां के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सच है। इतना ही नहीं अनंत सिंह के भाई भी मोकामा के विधायक रहे और वे उनसे भी परिचित रहे। क्योंकि, उनका पैतृक गांव मोकामा में है लेकिन इससे उनके किसी अपराध में संलिप्त होने का सवाल नहीं उठता।



