
MADHUBANI:- गोली खाई, जंगल में छुपे, फिर भी नहीं मानी हार: आजादी के जांबाज सुरेंद्र प्रसाद सिंह 95 की उम्र में भी याद करते हैं पंडौल की क्रांति
मधुबनी- 15 अगस्त। स्वतंत्रता दिवस पर देश उन वीर सपूतों को याद कर रहा है जिन्होंने आजादी के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। इन्हीं में से एक हैं मधुबनी जिला के रहिका प्रखंड के शंभूआर गांव निवासी स्वतंत्रता सेनानी सुरेंद्र प्रसाद सिंह। गोली लगी, फिर भी डटे रहे आजादी की लड़ाई के दौरान अंग्रेजों से लोहा लेते समय सुरेंद्र प्रसाद सिंह को एक पैर में गोली लग गई थी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। कई दिनों तक वे जंगलों में छुपते रहे। इसी दौरान इलाके के एक वैद्य ने अपनी जान जोखिम में डालकर उनका इलाज किया और उन्हें फिर से खड़ा किया।
पंडौल मैदान की लड़ाई के गवाह—
95 वर्षीय सुरेंद्र सिंह आज भी आजादी की लड़ाई की यादों को ताजा करते हुए जोश से भर जाते हैं। उन्होंने बताया कि उन दिनों पंडौल उच्च विद्यालय के मैदान पर खेल आयोजन को लेकर अंग्रेज शासकों से टकराव हो गया था। अंग्रेजों ने मैदान पर रोक लगा रखी थी, लेकिन स्थानीय युवा कार्यक्रम करना चाहते थे। इसी बात को लेकर लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। सुरेंद्र सिंह, सूरज नारायण सिंह सहित अनेकों स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोला। इस दौरान डाकघर सहित कई सरकारी कार्यालयों में तोड़-फोड़ की गई और उन्हें आग के हवाले कर दिया गया। इसके बाद अंग्रेजी सिपाहियों ने कई सेनानियों को गिरफ्तार कर सकरी में रखा था।
सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उन दिनों जज्बा यही था कि जब तक सांस है, आजादी की लड़ाई जारी रहेगी। भारत माता की जय बोलने के लिए हमने लाठी-गोली की परवाह नहीं की। एक बार तो नेपाल भी जाना पड़ा। आज हम जो आजाद भारत में सांस ले रहे हैं, ये आजादी के वीरों के बलिदान का कर्ज है। आजादी भीख में नहीं मिली, इसके लिए बड़ी कुर्बानी देनी पड़ी है। उल्लेखनीय है कि सुरेंद्र सिंह के पिता प्रताप भानू वर्मा भी आजादी की लड़ाई में शामिल रहे थे।
समिति ने लिया हालचाल—
देश की आजादी की लड़ाई में गोली खाकर भी डटे रहने वाले सुरेंद्र प्रसाद सिंह इन दिनों बीमार चल रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के जिलाध्यक्ष संजीव कुमार मिश्रा उनके आवास पहुंचे और उनका हालचाल लिया। इस दौरान उन्होंने सुरेंद्र सिंह के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की और कहा, `”ऐसे जांबाजों के बलिदान की वजह से ही आज हम आजाद हवा में सांस ले रहे हैं। सरकार और प्रशासन से मांग है कि स्वतंत्रता सेनानी के बेहतर इलाज और सम्मान की व्यवस्था की जाए।”



