
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को ले डूबा नीट पेपर लीक और जंतर-मंतर का आंदोलन: शहजादा
मधुबनी- 25 जुलाई। नीट पेपर लीक रोकने में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान फेल हो गए। जिससे उन्हें मोदी सरकार से खुद को बाहर जाना पड़ा है। नीट पेपर लीक को रोकने में केंद्र सरकार की नाकामी उजागर हुई।
उक्त बातें राजद के जिला कोषाध्यक्ष सह प्रवक्ता मिंटू शहजादा। उन्होंने कहा कि देश में मेडिकल की पढ़ाई करने वालों के लिए नीट की परीक्षा उत्तीर्ण होना लोहे के चने चबाना जैसा साबित होता है। नीट क्वालीफाई के लिए विद्यार्थियों को कडी मेहनत करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में पेपर लीक भारत की छवि को दुनियाभर में खराब हुआ है। पेपर लीक मसला को लेकर युवाओं का आंदोलन को केन्द्र सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया, बल्कि आंदोलन को दबाने के लिए पुलिसिया कार्रवाई का सहारा लेना बड़ी भूल साबित हुआ है। केन्द्र सरकार की यह मंशा तानाशाही रवैया को दर्शाता है। जिसका खामियजा केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा के रुप में भुगताना पड़ा है। केन्द्र सरकार शिक्षा मंत्री के इस्तीफा का राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है। लेकिन देश की जनता केन्द्र सरकार की सच्चाई समझ गई है।
उन्होंने कहा कि देश के मेडिकल की तैयारी करने वालों का भविष्य प्रभावित हुआ है। अब छात्रों को आंदोलन का रास्ता छोड़कर अपनी करियर की तैयारी में जुट जाना चाहिए। छात्रों को मानसिक तनाव और निराशा को भूलकर पढाई पर ध्यान देना चाहिए और देश की सरकार को इससे सबक लेना चाहिए। छात्रों के भविष्य के साथ खिलबाड़ नहीं होना चाहिए। पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।



