
ईरान का कुवैत में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर हमला
कुवैत सिटी/मनामा/तेहरान/वाशिंगटन- 13 जुलाई। होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी वर्चस्व की जंग से पश्चिम एशिया में फिर स्थिति गंभीर हो गई है। ईरान ने कुवैत में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर हमला किया है। इससे पहले ईरान ने आज अमेरिका के ताजा हमलों के बाद बहरीन में भी अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया। वहां हमले के सायरन बजने शुरू हो गए।
सीएनएन, अल जजीरा, इरना और फार्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि उसकी वायुसेना ने आज कुवैत में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया और उसे नुकसान पहुंचाया। कॉर्प्स ने कहा कि अली अल सलेम स्थित अमेरिकी बेस पर फ्यूल स्टोरेज टैंक और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। आईआरजीसी ने यह भी कहा कि उसने लगभग 30 मील दूर स्थित अहमद अल जाबेर एयर बेस पर भी हमला किया। हमले में वहां का एफपीएस रडार सिस्टम क्षतिग्रस्त हो गया। कुवैत की सेना ने अभी तक इन हमलों में से किसी की भी पुष्टि नहीं की है।
बहरीन के गृह मंत्रालय ने आज सुबह (स्थानीय समय) एक्स पर कहा, “नागरिकों और निवासियों से शांत रहने और सबसे पास की सुरक्षित जगह पर जाने का आग्रह किया जाता है।” आईआरजीसी ने टेलीग्राम पर घोषणा कि ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों में उसके ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं। यह घोषणा ईरान के मध्य और दक्षिणी इलाकों पर हुए हमले के बाद की गई।
आईआरजीसी ने घोषणा की है कि उसने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। वाशिंगटन के हमलों के जवाब में उसकी वायुसेना ने बहरीन के शेख ईसा स्थित अमेरिकी एयर बेस पर हेलीकॉप्टर रखरखाव और मरम्मत की सुविधाओं, पी-8 पोसीडॉन विमान वाले हैंगर और सेना के ड्रोन कमांड और कंट्रोल सेंटर पर हमला किया। बहरीन के गृह मंत्रालय ने कहा कि अभी तक किसी नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है।
सेंटकॉम ने एक्स पर कहा कि ईरान के खिलाफ ताजा हमले में सटीक हथियारों से कई जगहों पर दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया गया। सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिकी सेना ने पहली बार लड़ाकू विमान, नौसेना के जहाजो, वन-वे अटैक एरियल ड्रोन और वन-वे अटैक सी ड्रोन का इस्तेमाल किया। ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कोस्टल रडार साइट्स, मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं के साथ-साथ छोटी नावों पर हमले किए। सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिकी सेना ने एक दिन पहले ईरान के लगभग 140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसके जवाब में तेहरान ने बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर और जॉर्डन पर जवाबी हमले किए।
ईरान के बंदर अब्बास, सिरिक और जास्क जैसे बंदरगाह शहरों के साथ-साथ केशम द्वीप पर भी जोरदार धमाके हुए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला हुआ है। ईरान के फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण ने कहा है कि जब तक स्थिरता और शांति बहाली नहीं होती तब तक वहां से आवाजाही की अनुमति नहीं है। इस सप्ताहांत से शुरू ताजा टकराव से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिकी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि आईआरजीसी)ने जलमार्ग में एक और कमर्शियल जहाज पर हमला किया। इसलिए अमेरिकी सेना को फिर हमला करना पड़ा। अमेरिका के सहयोगी देशों ने कहा कि सप्ताहांत के दौरान उन्हें ईरानी हमलों का सामना करना पड़ा। इन देशों में कुवैत, ओमान, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात प्रमुख हैं। अमेरिका का दावा है कि आईआरजीसी लगातार होर्मुज में जहाजों पर गोलीबारी कर रहा है।
सेंटकॉम के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि ईरान की एक क्रूज मिसाइल और एक वन-वे अटैक ड्रोन को मार गिराया गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। ईरान के खुजेस्तान प्रांत के डिप्टी गवर्नर वलीओल्लाह हयाती ने कहा है कि आज सुबह माहशहर में एक खेत पर बने सिंचाई पंप केंद्र पर मिसाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।



