
MADHUBANI: मां की हत्या मामले में पुत्र को आजीवन कारावास की सजा
मधुबनी- 20 जून। सिविल कोर्ट में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय ललन कुमार की अदालत ने मां की हत्या मामले की सुनवाई करते हुए पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं अदालत ने दोषी पर 22 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि न देने की स्थिति में दोषी को एक वर्ष की अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी। अपर लोक अभियोजक जगदीश प्रसाद यादव ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह खौफनाक घटना 18 अगस्त 2024 की सुबह हरलाखी थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव निवासी हिताय यादव के पुत्र लाल बाबू यादव ने किसी बात पर विवाद पर अपनी मां जीवछी देवी की हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने मां के शव को घर के अंदर ही छिपा दिया।
हत्याकांड की सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि वारदात के बाद आरोपी बेटा खुद चलकर हरलाखी थाने पहुंच गया। उसने वहां तैनात पुलिसकर्मियों को बेहद सामान्य तरीके से बताया कि उसने अपनी मां की हत्या कर दी है। कलयुगी बेटे के मुंह से ऐसी बात सुनकर एक बार तो पुलिस भी चौंक गई और उन्हें उसकी बातों पर यकीन नहीं हुआ। पुलिस ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए आरोपी के बताए गए घटनास्थल पर छापेमारी की। जब पुलिस टीम घर के भीतर दाखिल हुई, तो वहां जीवछी देवी का शव बरामद हुआ। इसके बाद मृतका के पति हिताय यादव के लिखित आवेदन पर हरलाखी थाने में कांड संख्या-222/24 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103/1 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के चलते मात्र दो साल के भीतर ही कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते सजा सुनाई गई। वैसे अभियोजन पक्ष से एपीपी जगदीश प्रसाद यादव ने दोषी को फांसी की सजा देने की मांग की थी। वहीं बचाव पक्ष से डीएलएसए द्वारा अधिकृत अधिवक्ता अमित कुमार झा ने अधिकतम सजा पर आरोपित का बचाव किया।



