
MADHUBANI:- रहिका अंचल कार्यालय में दाखिल खारिज और परिमार्जन के सैकड़ों मामले लंबित
मधुबनी- 13 मई। जमीन दस्तावेज का दाखिल खारिज, परिमार्जन जैसे कार्य का ससमय निष्पादन में रहिका अंचल कार्यालय फिसड्डी साबित हो रहा है। इसका अंदाजा इस तरह लगाया जा सकता है कि रहिका अंचलाधिकारी स्तर पर 550 से अधिक दाखिल खारिज, परिमार्जन मामले कई महीनों से लंबित पड़े हैं। जिससे भू-स्वामियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बतादें कि जमीन संबंधित दाखिल-खारिज,परिमार्जन के लिए आनलाइन आवेदन करने के बाद भी सरकार द्वारा निर्धारित अवधि में निपटारा नहीं हो रहा है। जिससें भू-स्वामी बार-बार अंचल कार्यालय और राजस्व कर्मचारियों के कार्यलय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।आवेदन करने वाले भूस्वामियों का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद भी मामला को जान-बूझकर लटकाया जाता है।कई मामलों में महीनों बीत जाने के बाद भी अंचल कार्यालय में मामला लंबित है। इससे जमीन की खरीद-बिक्री, ऋण लेने और अन्य जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। हर बार कार्यालय पहुंचने पर कोई न कोई कारण बताकर उन्हें लौटा दिया जाता है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
मालुम हो कि सूची के अनुसार वर्ष 2025-26 के अंतर्गत आवेदन संख्या 2686, 2687, 2706, 2707, 2708, 2709 और 2720 के साथ-साथ आगे की सूची में 2802, 2812, 2813, 2814, 2815, 3243, 3247 और 3248 जैसे कई आवेदनों की स्थिति अपडेट की गई है। इनमें तराना सिद्दीकी, हसरत परवीन, मो. ओजैर, अंसारी, फलक नूर जहां, निभा झा, नूतन झा, विजय चंद्र भगत के अलावा धर्मेंद्र कुमार यादव, ममता देवी,उमेश यादव, राम सुमित यादव, शुभम कुमार दास, राम जुलूम महतो, अनिल कुमार जैसे आवेदकों के नाम शामिल हैं। इस संबंध में रहिका के अंचलाधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि ऑनलाइन म्यूटेशन प्रक्रिया के तहत आवेदन प्राप्त हुए हैं। लंबित मामलों के निष्पादन के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।



