
इजराइल ने फ्लोटिला समूह के राहत सामग्री लेकर गाजा जा रहे जहाजों को ग्रीस में रोका
क्रीट (ग्रीस)- 30 अप्रैल। इजराइल के रक्षा बलों ने राहत सामग्री लेकर गाजा जा रहे जहाजों के एक बड़े बेड़े को यूनानी द्वीप क्रीट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में आगे बढ़ने से रोक दिया है। संयुक्त राष्ट्र में इजराइल के दूत डैनी डैनन ने इसकी पुष्टि की है। डैनी डैनन ने एक्स पर कहा, ” जहाजों के बेड़े में इजराइल के इलाके में पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, दूत डैनन ने कहा कि इजराइली सैनिकों ने पूरी दृढ़ता के साथ काम किया है। इस बीच फ्रीडम फ्लोटिला समूह (ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला) ने इजराइल की चेतावनी की रिकॉर्डिंग जारी की है। समूह का कहना है कि यह चेतावनी उनके गाजा जा रहे जहाजों के लिए जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि राहत सामग्री लेकर गाजा की ओर जाने की कोई भी और कोशिश आपकी सुरक्षा को खतरे में डाल देगी। इजराइली सेना के पास कानूनी समुद्री सुरक्षा नाकाबंदी को लागू करने के लिए सभी विकल्प मौजूद हैं।
चेतावनी में कहा गया है, “गाज़ा पट्टी की कानूनी समुद्री सुरक्षा नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिशें अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मानी जाएंगी। अगर आप मानवीय सहायता ले जा रहे हैं, तो आपको अशदोद बंदरगाह पर जाने के लिए आमंत्रित किया जाता है, जहां सहायता की सुरक्षा जांच की जाएगी और उसके बाद उसे गाजा पट्टी भेज दिया जाएगा।”
इस संबंध में ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला के जनसंपर्क अधिकारी गुर त्सबार का कहना है कि गाजा जा रहे मानवीय सहायता वाले जहाजों के काफिले पर इजराइल का हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गैरकानूनी है। उन्होंने कहा, “यह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में आम नागरिकों पर सीधा हमला है। इजराइल से सैकड़ों मील दूर निहत्थे नागरिकों की नावों को घेरा जा रहा है और बंदूक के बल पर धमकाया जा रहा है। इस जलक्षेत्र में इजराइल का कोई अधिकार नहीं है। ” त्सबार ने दुनिया भर की सरकारों से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने बेड़े में शामिल 400 से ज्यादा लोगों की सुरक्षा बेहद जरूरी है।
उल्लेखनीय है कि इजराइल की नाकाबंदी 2007 से जारी है। हालांकि 2008 के बाद दो नाव इजराइली नौसेना की नाकाबंदी को तोड़कर गाजा पहुंचने में सफल रही थीं, तब से सहायता ले जाने वाली कोई भी नाव गाजा नहीं पहुँच पाई है। 2010 में तो इजराइली कमांडो ने ऐसी कोशिश कर रहे तुर्किये के 10 मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी थी। सीबीएस न्यूज के अनुसार 2 मई, 2025 को इजराइल ने गाजा पट्टी जा रहे इस समूह के एक जहाज पर माल्टा के तट पर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में आधी रात को ड्रोन से हमला किया था। ससे जहाज को बड़ी क्षति हुई थी।



