भारत

मन की बात : प्रधानमंत्री ने गुरुदेव को याद करने से लेकर ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियां साझा की

नई दिल्ली- 26 अप्रैल। प्रधानमंत्री मोदी ने `मन की बात’ कार्यक्रम में रविवार को गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर को याद करते हुए उन्हें बहु आयामी प्रतिभा के धनी, लेखक और महान विचारक बताया और कहा कि उन्होंने कई प्रसिद्ध संस्थाओं को आकार दिया। प्रधानमंत्री ने शांति निकेतन की अपनी यात्रा को अविस्मरणीय बताया। 9 मई रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम से देश की ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी दो बड़ी उपलब्धियां साझा की। उन्होंने तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर द्वारा क्रिटिकलिटी हासिल करने पर वैज्ञानिकों को बधाई दी। साथ ही पवन ऊर्जा क्षेत्र में देश की उत्पादन क्षमता 56 गीगावॉट तक पहुंचने की उपलब्धि का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने `मन की बात’ के 133वें एपिसोड में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी उपलब्धि को भारत की परमाणु ऊर्जा यात्रा में मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह रिएक्टर पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से निर्मित है, जो देश की वैज्ञानिक क्षमता और आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने देश के अलग-अलग राज्यों में पवन ऊर्जा क्षमता के विस्तार के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि पिछले 1 साल में देश ने 6 गीगावॉट क्षमता बढ़ाई है। इससे देश की पवन ऊर्जा उत्पादन क्षमता 56 गीगावॉट तक पहुंच गई है।

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के माध्यम से देश में जारी जनगणना को सफल बनाने के लिए जन भागीदारी की अपील की। उन्होंने बताया कि अब तक एक करोड़ 20 लाख मकान का सूचीकरण कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से स्वयं फॉर्म भरने के बारे में भी जानकारी दी।

प्रधानमंत्री ने देश की विरासत को जानने और समझने की दिशा में नेशनल आर्काइव ऑफ इंडिया के हालिया प्रयास की जानकारी दी। आर्काइव इंडिया ने हाल ही में 20 करोड़ दस्तावेजों को डिजिटलाइज करके सार्वजनिक किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे जुड़ी वेबसाइट पर जाकर इन दस्तावेजों को पढ़ा जा सकता है।

बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम से जुड़े धुन अब वेव्स ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। प्रधानमंत्री ने बताया कि अब लोग वहां जाकर इसका आनंद ले सकते हैं। जल्द ही यह अन्य प्लेटफार्म पर भी उपलब्ध होगी।

भगवान बुद्ध के संदेश को आज भी प्रासंगिक बताते हुए प्रधानमंत्री ने दक्षिण अमेरिका के चिली का उदाहरण दिया और बताया कि कैसे धीरे-धीरे भारतीय विचार दुनिया तक पहुंच रहे हैं।

इसके अलावा प्रधानमंत्री में आज वन्य जीव संरक्षण की दिशा में हो रहे प्रयासों का उल्लेख किया। ब्लैक बग, द ग्रेट इंडियन बास्टर्ड्स और अन्य जीवों के संरक्षण के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि मानव के प्रकृति के साथ मिलकर काम करने से बदलाव नजर आ रहा है।

अपनी सरकार के आने पर बांस को पेड़ों की व्याख्या से बाहर निकालने के कार्य का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे इससे पूर्वोत्तर के राज्यों के लोगों के जीवन में बदलाव आ रहा है। उन्होंने इन बदलावों का उदाहरण देते हुए लोगों से पूर्वोत्तर में बने बांस के उत्पादों को खरीदने की अपील की।

कार्यक्रम में उन्होंने यूरोपियन गर्ल्स मैथमेटिकल ओलंपियाड का उल्लेख किया जिसमें भारतीय टीम ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए छठा स्थान हासिल किया। उन्होंने इसमें भाग लेने वाली लड़कियों के नाम और उन्हें मिले मेडल की जानकारी दी।

भारतीय पनीर की दुनिया भर में बढ़ती मांग और इस क्षेत्र में हो रहे निवेश का उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय व्यंजन अब दुनिया भर में लोगों के खाने की प्लेट तक पहुंच रहे हैं।

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