
कानपुर- 23 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में एयरफोर्स कॉलोनी में दुर्लभ जीका वायरस का पहला मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। मच्छरों से फैलने वाले इस खतरनाक वायरस की पुष्टि एक एयरफोर्स कर्मी में हुई है। पीड़ित एयरफोर्स कर्मी को डेंगू बुखार के लक्षण पर सेवन एयरफोर्स अस्पताल में 19 अक्टूबर को भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य लाभ न होने पर दो दिन पूर्व जांच के लिए सैम्पल लिया गया था। इस पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग के साथ जिला प्रशासन ने सर्तकता व निगरानी बढ़ाते हुए रोकथाम की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नेपाल सिंह ने जनपद में पहले मरीज में जीका वायरस मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पीड़ित एयरफोर्स कर्मी का पिछले एक महीने में कोई यात्रा इतिहास नहीं मिला है। जिस कॉलोनी में यह केस मिला है, वहां आसपास मच्छरों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा स्प्रे का छिड़काव करवाया गया है।सीएमओ ने बताया कि एयरफोर्स कर्मी में इस वायरस की पुष्टि पुणे की लैब नेशनल इंस्टरट्यूट आफ वायरोलाजी से मिली रिपोर्ट के बाद हुई है। एहतियात के तौर पर पोखरपुर (चकेरी) के रहने वाले पीड़ित एयरफोर्स कर्मी के एसीएमओ डा. सुबोध प्रकाश की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजकर उनके परिवार के सदस्यों के साथ ही हाल में सम्पर्क में आए 22 लोगों के नमूने लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए लखनऊ में केजीएमयू लैब में भेजा गया है। सीएमओ ने बताया कि, फिलहाल घबराने की कोई बात नहीं है। लोगों को सचेत रहने के लिए कहा गया है। एयरफोर्स कर्मी की तबीयत स्थिर है। जानकारों के अनुसार, बीते जुलाई में केरल और गुजरात में इस वायरस के कई केस मिले थे। यह वायरस एडीज मच्छरों के जरिए फैलता है। उधर, जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि जीका पाजिटिव के पहले मरीज की पुष्टि को देखते हुए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। एहतियातन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और नगर निगम की टीम की आपात बैठक बुलाकर स्वच्छता पर विशेष बल देते हुए अभियान चलाने को निर्देश दिए गए हैं। मालूम हो कि विषाणु फ्लाविविरिडए विषाणु परिवार से है। जो दिन के समय सक्रिय रहते हैं। यह खतरनाक बीमारी के रूप में जाना जाता है। इससे पीड़ित को लकवा का खतरा हो जाता है। वहीं, गर्भवती महिलाओं में होने पर उसके गर्भस्थ शिशु को समस्याग्रस्त कर देता है। भारत में 1947 के दशक में इस वायरस (बीमारी) का पता चला था।



