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श्रीलंका में हालात बिगड़े, हिंसा करने वालों को गोली मारने के आदेश

कोलंबो- 11 मई। आर्थिक संकट के बीच श्रीलंका में हालात बेहद नाजुक और हिंसक हो गए हैं। हिंसा में अब तक आठ लोगों की मौत और 250 से अधिक घायल हो गए हैं। इसी बीच रक्षा मंत्रालय ने थलसेना, वायुसेना और नौसेना कर्मियों को सार्वजनिक संपत्ति को लूटने या आम लोगों को चोट पहुंचाने वाले किसी भी दंगाई को गोली मारने का आदेश जारी किया है। यह आदेश राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे की लोगों से हिंसा और बदले की भावना वाले कृत्य रोकने की अपील के बाद आया है।

श्रीलंका सरकार के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन पिछले कुछ दिन में तेज हो गया है, परिणामस्वरूप विरोध स्थलों पर तैनात सुरक्षा बलों के साथ झड़पों की घटनाओं में वृद्धि हुई है।

सेना के प्रवक्ता ने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने तीनों बलों को सार्वजनिक संपत्ति लूटने या दूसरों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति पर गोलियां चलाने का आदेश दिया है। देश में हालात लगभग बेकाबू से है और हिंसक घटनाएं बढ़ कई हैं, जिसमें मंत्रियों और सांसद के घरों को जला दिया गया है। देशव्यापी कर्फ्यू के बीच सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने श्रीलंका के प्रधानमंत्री समेत कई नेताओं व मंत्रियों के घरों के साथ कई कार्यालयों को भी को आग के हवाले कर दिया और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए थे।

हिंसक विरोध के बाद पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और उनके परिवार के कुछ सदस्यों ने कोलंबो स्थित सरकारी आवास से निकलने के बाद त्रिंकोमाली नौसैनिक अड्डे में शरण ली। यह खबर फैलने के बाद मंगलवार को नौसैनिक अड्डे के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया, प्रदर्शनकारी महिंदा को परिसर से बाहर करने की मांग कर रहे हैं। लोगों में राजपक्षे परिवार और सत्तारूढ़ दलों के खिलाफ गुस्सा भरा है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने कोलंबो में भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जाने वाली सड़क पर चेकप्वाइंट स्थापित कर दिया है ताकि इस परिवार का कोई भी करीबी देश छोड़कर न भाग सके।

महिंदा राजपक्षे के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सोमवार को पूरी रात भीड़ उनके सरकारी आवास ‘टेंपल ट्रीज’ में घुसने की कोशिश करती रही। पुलिस ने भीड़ पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।

कोलंबो गजट की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को हेलीकाप्टरों को वीवीआईपी के साथ राजधानी शहर से निकलते देखा गया और कुछ ने अनुमान लगाया कि वे राजपक्षे परिवार के सदस्य थे। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने पश्चिमी प्रांत में मंगलवार को कोलंबो में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर हमला किया।

पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेना समेत विपक्षी नेताओं ने लोगों को उकसाने के लिए महिंदा राजपक्षे की गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं वकीलों के एक समूह ने महिंदा और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस मुख्यालय में एक शिकायत भी दर्ज कराई है। श्रीलंका के अटार्नी जनरल ने पुलिस प्रमुख से हिंसक झड़पों की तत्काल और पूर्ण जांच करने को कहा है। इस बीच, हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है और लगभग 250 लोग घायल हैं।

श्रीलंका की संसद के स्पीकर महिंदा यापा अभयवर्धने ने राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे से कहा है कि वह अभूतपूर्व हिंसा और कई दशक में देश के सर्वाधिक खराब आर्थिक संकट को लेकर सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच मौजूदा स्थिति पर चर्चा करने के लिए जल्द से जल्द संसद का सत्र बुलाएं। विपक्षी दलों ने भी ऐसी ही मांग की है।

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