
योग से ही होगा रोगों पर कंट्रोल, रोज 30 मिनट योग से दवाइयों पर निर्भरता होगी कम: योगा थेरेपी फिजियोथेरेपिस्ट राकेश कुमार
मधुबनी- 03 अक्टूबर। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत खान-पान के कारण लोग कम उम्र में ही कई बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में योग एक वरदान की तरह है। यह कहना है जाने-माने योगा थेरेपी फिजियोथेरेपिस्ट राकेश कुमार का। उन्होंने बताया कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर और मन को स्वस्थ रखने की एक सम्पूर्ण चिकित्सा पद्धति है।
राकेश कुमार के अनुसार योग के प्रमुख लाभ में रीढ़ और जोड़ों के दर्द में राहत: लगातार बैठकर काम करने से कमर दर्द, गर्दन दर्द और साइटिका की समस्या आम हो गई है। भुजंगासन, ताड़ासन और कटि चक्रासन जैसे योगासन रीढ़ को मजबूत करते हैं और फिजियोथेरेपी के साथ मिलकर इनका असर दोगुना हो जाता है। अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम और ध्यान करने से मन शांत होता है। इससे ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है और नींद अच्छी आती है।
इम्युनिटी और पाचन में सुधार: कपालभाति और वज्रासन से पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
राकेश कुमार ने कहा कि हम अपनी थेरेपी में मरीजों को सिर्फ मशीनों से इलाज नहीं देते, बल्कि उन्हें योग के जरिए अपनी बॉडी को खुद ठीक करना सिखाते हैं। रोज सुबह सिर्फ 30 मिनट योग करने से आप डॉक्टर और दवाइयों पर अपनी निर्भरता 70% तक कम कर सकते हैं। उन्होंने आम लोगों को सलाह दी कि योग किसी प्रशिक्षित योग शिक्षक की देखरेख में ही शुरू करें और किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।



