
ट्रंप से पहले भी अमेरिका में गोपनीय दस्तावेजों की सुरक्षा में लगी थी सेंध
वाशिंगटन- 04 सितंबर। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फ्लोरिडा आवास पर एफबीआई द्वारा बरामद कई गोपनीय दस्तावेजों के बाद जहां बहस तेज हो गई है, वहीं यूएसए में पहले भी इस तरह के मामले समाने आते रहे हैं।
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा है कि संवेदनशील सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा से जुड़े नियमों एवं परंपराओं का उल्लंघन करने के लिए आलोचना का सामना करने वालों में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले व्यक्ति नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि हालिया खुलासे वाटरगेट कांड के बाद स्थापित, राष्ट्रपति के तौर पर कार्यकाल समाप्त होने के बाद के मानदंडों की अभूतपूर्व अव्हेलना की ओर इशारा करते हैं।
डेमोक्रेट लिंडन बी जॉनसन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने वर्षों तक गोपनीय दस्तावेज अपने पास रखे थे, जिन्हें बाद में उन्होंने जॉनसन प्रेसीडेंशियल लाइब्रेरी को सौंपा था। रोनाल्ड रीगन के प्रशासन में एक सचिव, फॉन हॉल ने गवाही दी थी कि उन्होंने व्हाइट हाउस राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में अपने बॉस ओलिवर नॉर्थ की रक्षा के लिए ईरान-कॉन्ट्रा मामले से संबंधित दस्तावेजों को बदल दिया और मदद की।
बराक ओबामा के राष्ट्रपति काल के दौरान सीआईए निदेशक डेविड पेट्ररियस को एक जीवनी लेखक के साथ गोपनीय दस्तावेज साझा करने को लेकर पद से इस्तीफा देना पड़ा था। ओबामा के राष्ट्रपति रहने के दौरान विदेश मंत्री रहीं हिलेरी क्लिंटन ने एफबीआई जांच का सामना किया था।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने हाल में संवाददाताओं से कहा था कि वह अक्सर अति गोपनीय प्रेसीडेंशियल डेली ब्रीफिंग डेलवेयर स्थित अपने आवास पर पढ़ा करते हैं, जहां वह सप्ताहांत और छुट्टियां बिताते हैं।



