
आस्था का सावन : सावन में राशि के अनुसार पूजा-अर्चना से मिलती भगवान शिव की विशेष कृपा : अनू झा
मधुबनी- 03 जुलाई। सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। सावन मास की धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ वैदिक ज्योतिष भी इस मास को काफी लाभकारी मानते है। हरेक राशि का स्वामी ग्रह अलग होता है।
राशि के अनुसार भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जानकारी देते हुए हस्तरेखा में विशारद,ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार अनू झा ने बताया कि राशि के अनुसार सावन में भगवान शिव की पूजा-अर्चना से भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है। जिससे जीवन में आने वाली परेशानियां कम होती हैं। उन्होंने बताया कि ज्योतिष शास्त्र में भगवान शिव को चंद्रमा, शनि और राहु जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करने वाला भी माना गया है। जिन लोगों की कुंडली में इन ग्रहों की स्थिति कमजोर होती है, उन्हें सावन मास में भगवान शिव की विशेष पूजा करना चाहिए। सावन का महीना ग्रहों की अनुकूलता और आत्म-शुद्धि का बेहतर अवसर माना जाता है।राशि के अनुसार भगवान शिव का पूजा करने पर भोलेनाथ प्रसन्न होकर मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इसका साकारात्मक प्रभाव दिखने लगता है। उन्होंने बताया कि मान्यता के अनुसार मेष और वृश्चिक राशि वालों को जल में गुड़ या लाल चंदन मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक और लाल फूल अर्पित करना चाहिए। वृषभ और तुला राशि वालों को कच्चा दूध, दही, सफेद चंदन या गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। मिथुन और कन्या राशि वालो को हरी दूर्वा, हरा मूंग और बेलपत्र अर्पित करते हुए अभिषेक करना चाहिए। कर्क राशि वालों को कच्चे दूध में गंगाजल मिलाकर अभिषेक करते हुए सफेद वस्तुएं अर्पित करना चाहिए। सिंह राशि वालों को जल में शहद, गुड़ या केसर और लाल पुष्प मिलाकर अर्पित करते हुए अभिषेक करना चाहिए। धनु और मीन राशि वालों को जल में हल्दी या पीला चंदन मिलाकर अभिषेक करते हुए पीले फूल अर्पित करना चाहिए। मकर राशि वालों को गंगाजल या नारियल पानी से अभिषेक करते हुए काला तिल अर्पित करना चाहिए। कुंभ राशि वालों को मलाई, मिश्री या काला तिल युक्त जल से अभिषेक करना चाहिए।



