
MADHUBANI: ‘कथा 89 की’ मृत दिलीप साह को छोड़ जीवित अन्य जमाबंदीदार को FIR में नामजद नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी
मधुबनी- 08 जुलाई। शहर के चर्चित खेसरा 89 की जमीन की बिक्री मामलें में नगर थाना में दर्ज प्राथमिकी में अंचल प्रशासन की नाकामी और पक्षपातपूर्ण रवैया को लेकर आंदोलन शुरु किया जाएगा। उक्त बातें मिथिलांचल संघर्ष समिति के अध्यक्ष इं. गौरीशंकर यादव ने कहीं। उन्होंने कहा कि खेसरा 89 को लेकर प्राथमिकी में जमीन क्रेता 47 लोगों को नामजद किया गया, लेकिन जमीन बिक्री करने वाले को नामजद नहीं किया गया है।
उन्होंने बताया कि खेसरा 89 की जमीन बिक्री करने तथा जमाबंदीदार मृत दिलीप साह को छोड़कर अन्य जमाबंदीदार को प्राथमिकी में नामजद नहीं किए जाने के खिलाफ आंदोलन शुरु किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खेसरा 89 की चल रही जमाबंदी नं. 615 के जमाबंदीदार विजय कुमार साह, दिलीप कुमार साह, गंगा प्रसाद साह, महावीर प्रसाद साह, शम्भू प्रसाद साह पिता स्व. रामचंद्र साह के नाम से संयुक्त रूप से चल रहा है। जिसमें एक जमाबंदीदार दिलीप साह का निधन हो गया है। अन्य जमाबंदीदार जीवित है। जीवित सभी जमाबंदीदार को प्राथमिकी में नामजद किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि जमाबंदी दिलीप साह के सभी भाईयों के नाम से संयुक्त होने और जमीन के अन्य हिस्सेदार भाईयों से जमीन बिक्री करने का कानून अधिकार प्राप्त करने वाले दिलीप साह का निधन होने पर उनके अन्य जमाबंदीदार भाईयों को नामजद किया जाना आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि दिलीप साह को सभी जमाबंदीदार भाईयों कानूनी रुप से जमीन बिक्री का अधिकार दे रखा था। इस लिहाज से उनके सभी भाईयों को नामजद किए जाने पर न्यायालय से लेकर सड़क तकआंदोलन जारी रखा जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी,राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल व जिलाधिकारी आनंद शर्मा, पुलिस अधीक्षक योगेन्द्र कुमार को पत्र लिखकर प्राथमिकी दर्ज करने में अंचल अधिकारी द्वारा की गई गड़बड़ी की जांच की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि अंचल अधिकारी ने खेसरा 89 को लेकर प्राथमिकी में तेजी दिखाई गई है। जबकि दाखिल खारिज और परिमार्जन के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाने के बाद भी बगैर चढ़ावा काम नहीं होता हैं।



