
नेपाल की हुंगु नदी में भूस्खलन से कृत्रिम बांध, बिहार के कोसी क्षेत्र में बाढ़ का अलर्ट
सुपौल- 11 सितंबर। नेपाल पर फिर एक बड़ी प्राकृतिक आपदा का खतरा मंडराने लगा है। सोलुखुम्बु जिले की महाकुलुंग ग्रामीण नगरपालिका में हुंगु नदी में शुक्रवार सुबह भारी भूस्खलन से नदी पूरी तरह ब्लॉक हो गई है।
भूस्खलन गौरीशंकर हाइड्रोपावर के हेड ऑफिस से करीब 100 मीटर नीचे हुआ है। मलबे से करीब 35 मीटर ऊंची और 100 मीटर चौड़ी दीवार बन गई है, जिससे नदी में लगभग 100 मीटर लंबा और 15 मीटर गहरा अस्थायी झील बन गई है।
हालांकि राहत की बात है कि दोपहर बाद पानी इस कृत्रिम बांध के ऊपर से ओवरफ्लो होने लगा है। धीरे-धीरे पानी बहने से दबाव कम हो रहा है, इसलिए तत्काल बड़े जल-प्रलय का खतरा थोड़ा टला है, लेकिन प्रशासन ने कहा है कि बांध के अचानक टूटने का खतरा अभी बना हुआ है।
हुंगु नदी का पानी महाकुलुंग और सोतांग होते हुए दूध कोसी में जाता है, फिर सप्तकोसी होते हुए सीधे बिहार की कोसी नदी में आता है। अगर यह अस्थायी बांध टूटा तो सुपौल, अररिया, सहरसा और मधेपुरा जिलों में अचानक फ्लैश फ्लड आ सकती है।
नेपाल प्रशासन ने हुंगु और दूध कोसी किनारे बसे लोगों को नदी किनारे से दूर रहने की चेतावनी दी है। रास्ते में पड़ने वाले 4 हाइड्रोपावर स्टेशन गौरीशंकर, दूधकोसी और सहस ऊर्जा के दो प्रोजेक्ट्स को अलर्ट पर रखा गया है, मजदूरों और वाहनों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है।
भारत में वीरपुर कोसी बैराज पर सभी फाटकों को निगरानी में रखा गया है। सुपौल और अररिया में SDRF/NDRF की टीमें बोट के साथ तैयार हैं। फिलहाल भारत-नेपाल दोनों तरफ के प्रशासन की नजर इस अस्थायी झील पर है।



