
पटना- 18 नवंबर। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में फंसे मगध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के ठिकानों पर बुधवार को हुई विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) की छापेमारी गुरुवार अलसुबह तीन बजे तक चली। एसवीयू ने इस केस में फेमा की धारा लगाने का भी फैसला लिया है। इसके तहत एसवीयू की टीम कुलपति के विदेश यात्राओं का ब्यौरा खंगालने वाली है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद कब-कब विदेश यात्रा पर गए? किन देशों की इन्होंने यात्रा की? ये अकेले गए थे या इनके साथ कोई और भी था? इन सवालों का जवाब ढंढने के लिए एसवीयू की टीम उनकी विदेश यात्राओं की पूरी हिस्ट्री खंगालेगी।
एसवीयू से जुड़े आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इन बातों के पीछे की पड़ताल की कई बड़ी वजह भी है। कुलपति के घर से कुल 7.5 लाख की विदेशी करेंसी मिली है। इसमें ब्रिटिश पाउंड, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और सऊदी का रियाल तक शामिल है और उसे बरामद किया गया है। ये विदेशी करेंसी कहां से आई? इसका जवाब कुलपति नहीं दे पाए हैं। इस कारण एसवीयू की टीम पासपोर्ट और कस्टम डिपार्टमेंट के अधिकारियों से संपर्क कर उनके विदेश यात्राओं का ब्यौरा मांगेगी।
बरामद विदेशी करेंसी की वजह से कुलपति के ऊपर विदेशी मुद्रा अधिनियम-1999 (फेमा) की धाराएं भी लगाईं जाएंगी। फेमा के तहत भी उनके खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है।



