
ऑस्कर 2027 के लिए भारत की दावेदारी बनी ‘गोंधल’
99वें एकेडमी अवार्ड्स यानी ऑस्कर 2027 के लिए फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने भारत की आधिकारिक प्रविष्टि का ऐलान कर दिया है। देशभर से आई 33 फिल्मों में से मराठी मनोवैज्ञानिक थ्रिलर ‘गोंधल’ को सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी के लिए चुना गया है। संतोष डावखर के निर्देशन में बनी इस फिल्म को वर्ष 2025 में गोवा में आयोजित भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का सिल्वर पीकॉक पुरस्कार भी मिल चुका है।
ग्रामीण महाराष्ट्र की पृष्ठभूमि पर बनी ‘गोंधल’ की कहानी सदियों पुरानी लोक परंपरा और आधी रात में किए जाने वाले अनुष्ठान के इर्द-गिर्द बुनी गई है। फिल्म में इशिता देशमुख ने सुमन का किरदार निभाया है, जिसका अतीत शादी के बाद भी उसका पीछा नहीं छोड़ता। इस परिस्थिति से निकलने के लिए वह एक खतरनाक योजना बनाती है। कहानी के जरिए संस्कृति और परंपरा की आड़ में छिपे लालच, धोखे और अपराध को मनोवैज्ञानिक थ्रिलर के अंदाज में पेश किया गया है।
कम बजट और सीमित संसाधनों में बनी ‘गोंधल’ 14 नवंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। समीक्षकों से सराहना मिलने के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी और नौ दिनों में करीब 49 लाख रुपये का कारोबार किया। फिल्म के संगीत और पृष्ठभूमि संगीत को खास तौर पर सराहा गया है, जिसे दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा ने तैयार किया है। फिल्म में किशोर कदम, इशिता देशमुख और योगेश सोहोनी प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
ऑस्कर के लिए चयन के बाद ‘गोंधल’ एक बार फिर चर्चा में आ गई है। खास बात यह है कि यह फिल्म अभी किसी डिजिटल मंच पर उपलब्ध नहीं है। मराठी सिनेमा के लिए भी यह चयन महत्वपूर्ण है। ऑस्कर के इतिहास में ‘गोंधल’ भारत की आधिकारिक प्रविष्टि बनने वाली मराठी सिनेमा की चौथी फिल्म है। इससे पहले ‘श्वास’ (2005), ‘हरिशचंद्राची फैक्ट्री’ (2009) और ‘कोर्ट’ (2015) को यह अवसर मिल चुका है।



