
बिहार में शिक्षकों की वरीयता का पेंच सुलझाएगी नई कमेटी, शिक्षा विभाग ने 9 सदस्यीय समिति का किया गठन
पटना- 09 सितंबर। बिहार के लाखों शिक्षकों के बीच चल रहे वरीयता विवाद को सुलझाने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने 9 सदस्यीय विभागीय समिति का गठन किया है। शिक्षा विभाग के सचिव सह निदेशक माध्यमिक शिक्षा द्वारा जारी आदेश ज्ञापांक 11/वि 48/2025-2558 के अनुसार, वर्तमान में स्थानीय निकाय शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक, बीपीएससी से नियुक्त विद्यालय अध्यापक, प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक अलग-अलग संवर्ग में काम कर रहे हैं। एक संवर्ग से दूसरे संवर्ग में जाने पर सेवा की निरंतरता, वेतन संरक्षण, प्रोन्नति और आपसी वरीयता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे।
साथ ही प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रभारी प्रधानाध्यापक घोषित करने के लिए भी वरीयता तय नहीं हो पा रही थी। विभिन्न शिक्षक संगठनों ने इसको लेकर सरकार से मांग की थी।
9 सदस्यीय कमेटी के अध्यक्ष निदेशक, प्राथमिक शिक्षा होंगे। इसके अलावा परामर्शी पंकज कुमार, निदेशक (प्रशासन) मनोरंजन कुमार, संयुक्त सचिव अमरेश कुमार मिश्र, क्षेत्रीय उप निदेशक अमित कुमार, उप निदेशक संजय कुमार चौधरी, अब्दुस सलाम अंसारी, आंतरिक वित्तीय सलाहकार संजय कुमार सिंह और गोपालगंज के डीईओ योगेश कुमार सदस्य होंगे।
विभाग ने समिति को एक पक्ष (15 दिन) के अंदर अपना प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट के आधार पर ही वरीयता, प्रमोशन और प्रभारी प्रधानाध्यापक की नियुक्ति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस फैसले से राज्य के करीब 4 लाख से अधिक शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है।



