
मधुबनी नगर निगम क्षेत्र की अतिक्रमित 32 तालाब बना हाकिमों का आमदनी का जरिया : इं. गौरीशंकर
मधुबनी- 06 जुलाई। मिथिलांचल संघर्ष समिति के अध्यक्ष इं. गौरीशंकर यादव ने कहा कि रहिका अंचल सैरात सूची में शामिल नगर निगम क्षेत्र की 32 सरकारी तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराकर कराने में अंचल प्रशासन की टाल-मटोल रवैया को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए जरूरत पड़ने पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निगम क्षेत्र की अतिक्रमित सार्वजनिक तालाबों को मुक्त कराने की प्रकिया को अंचल प्रशासन द्वारा जान-बूझकर जटिल बनाकर रखा जाता है। अतिक्रमित तालाबों को अतिक्रमण मुक्त बनाने में अंचल के राजस्व कर्मियों, अमीन और अंचल अधिकारी लापरवाही सामने आती रही है। जबकि कार्रवाई के नाम पर इसे आमदनी का जरिया बना लिया है। कार्रवाई का भय दिखाकर उगाही की जाती है।
मामला को उलझा कर रखा जाता है। जिससे मामला सालों तक लटका रहता है। ऐसे मामलों की उच्चस्तरीय जांच कर संबंधित हाकिमों के कार्यशैली की समीक्षा करते हुए समुचित कार्रवाई किया जाना चाहिए। रहिका सैरात सूची में शामिल 32 तालाबों को सीमांकन और अतिक्रमण मुक्त कराने में रहिका अंचल कार्यालय को ठोस कार्रवाई करना होगा। ताकि परंपरागत जल स्रोतों तालाब को जीवित हो सके। तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराकर वर्षा जल संरक्षण के लिए अंचल प्रशासन को आगे आना होगा। इससे बरसात के समय जलजमाव की समस्या से भी बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि निगम क्षेत्र की तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराकर भिंडा पर आम लोगों के लिए बैठने की सुविधा सुनिश्चित कराया जाना चाहिए। ताकि भिंडा पर स्थानीय लोग योग का लाभ और फुर्सत का पल गुजार सके। लोगों को बैठने के लिए बेंच के अलावा लाइट की व्यवस्था किया जाना चाहिए।



