
MADHUBANI:- जिलाधिकारी की अपील का शहर के हठी अतिक्रमणकारियों पर असर नहीं, पुल-पुलियों की अतिक्रमित जमीन पर CO की नजर नहीं
मधुबनी- 18 मई: जिलाधिकारी आनंद शर्मा के अपील का फिलहाल नगर निगम क्षेत्र के हठी अतिक्रमणकारियों पर असर दिखता नजर नहीं आ रहा है। बता दें कि हाल ही में डीएम द्वारा सार्वजनिक और सरकारी जमीन का अतिक्रमण खाली करने के लिए आम लोगों से अपील किया गया था। डीएम के अपील को लोगों ने काफी सराहा था। लेकिन अतिक्रमण के खिलाफ कोई कार्रवाई अब तक शुरु नहीं होने से अतिक्रमण का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। बता दें कि डीएम के अपील में केसर हिंद, गैर मजरुआ आम, गैर मजरुआ खास सहित अन्य सरकारी संस्थानों, तालाब व अन्य सरकारी जमीन शामिल है। नगर निगम क्षेत्र के अतिक्रमणकारियों अभी कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है।
नगर निगम क्षेत्र में शामिल जिले के राजनगर अंचल 13 नंबर रेलवे गुमटी से रांटी चौक और रांटी चौक से चंद्रा कांप्लेक्स होकर बाईपास सड़क पर करीब आधा दर्जन सरकारी पुल और उसकी जमीन का बडे पैमाने पर अतिक्रमण कर लिया गया है। इस सड़क और पुल होकर आए दिन गुजरने वाले राजनगर अंचल के हाकिम और राजस्व कर्मचारियों की नजर पुल की अतिक्रमित जमीन पर नहीं पहुंच पा रही है। इधर, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण खाली करने का डीएम का आदेश का असर राजनगर अंचल के हाकियों पर दिखता नजर नहीं आ रहा है। लोगों का माने तो राजनगर अंचल के हाकिमों की मिली-भगत से पुलों की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
13 नंबर गुमती से रांटी चौक और रांटी चौक से चंद्रा कांप्लेक्स होकर बाईपास सड़क पर सरकारी पुलों की जमीन पर भू-माफियाओं ने सालों से कब्जा कर निर्माण कार्य कर लिया है। जिससे वर्षा के पानी की निकासी सालों से बाधित हो चुका है। सरकारी भूमि पर घर, दुकान और बिल्डिंग का निर्माण जांच का विषय बन गया है। लोगों का मान तो पुल-पुलियों की सरकारी जमीन की फर्जी तरीके से राजनगर अंचल द्वारा जमाबंदी कायम कर दिया गया। जिससे अतिक्रमणकारियों द्वारा खुलेआम पुल-पुलियों की जमीन पर निर्माण कार्य कर रहे हैं। निर्माण कार्य को रोकने के लिए अंचल कार्यालय द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।



