
चुनाव बाद पेट्रोल-डीजल की मूल्यवृद्धि से गरीबों पर बढ़ा महंगाई का बोझ : विजय
मधुबनी- 15 मई। देश के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल और डीजल सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं में मूल्यवृद्धि भाजपा और पेट्रोलियम पदार्थों की कंपनीयां, बड़े उद्योगपतियों की एक साजिश लगता है। चुनाव में भाजपा को भरपूर सहयोग के लिए तोहफा के रुप में पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ाने की छूट दे दी जाती है। पेट्रोल-डीजल की मूल्यवृद्धि पर नाराजगी व्यक्त करते हुए फुलपरास विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी विजय कुमार यादव ने कहा कि देश में 15 मई से पेट्रोल और डीजल के दाम में 3 से 3.25 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी कर दी गई।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमत का सीधा असर देश के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के जीवन पर होता है। मंहगाई ने इनका जीना मुहाल कर दिया है। माल ढुलाई महंगी होने के कारण आवश्यक वस्तुओं, खाद्य पदार्थों और यात्रा के खर्च में सीधी वृद्धि होगी। आम आदमी का बजट बिगड़ गया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के साथ सीएनजी के दाम भी बढ़ने से व्यक्तिगत यात्रा और सार्वजनिक परिवहन टैक्सी, ऑटो की यात्रा महंगा हो गया है। जिससे फल, सब्जी और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ते हैं। लगातार महंगाई आम आदमी का दम निकाल रही है, वहीं केन्द्र सरकार इसे काबू में रखने में विफल साबित हो रही है। सिर्फ बयानबाजी और खोखले वायदों से जनता को बहलाने से केन्द्र सरकार को बाज आनी चाहिए। खाद्य पदार्थो की महंगाई दर भी अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है। निकट भविष्य में इसके कम होने की कई संभावना प्रतीत नहीं हो रही है।



